स्कूली बच्चों को बाल अधिकार के बारे में दी गयी जानकारी

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रखंड के विभिन्न प्राइमरी, मिडिल एवं हाई स्कूल में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

नावकोठी. मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रखंड के विभिन्न प्राइमरी, मिडिल एवं हाई स्कूल में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. फोकल शिक्षक ने बाल अधिकार, बाल विवाह, बाल शोषण तथा बच्चों से छेड़छाड़ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उत्क्रमित मध्य विद्यालय नीरपुर में फोकल शिक्षक ने बताया कि प्रत्येक बच्चे को जीवन, उत्तर जीवन एवं विकास का जन्मजात अधिकार है. इसके अंतर्गत बच्चों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य एवं उनकी शिक्षा का अधिकार सम्मिलित है. जिनका उद्देश्य बच्चे के व्यक्तित्व,योग्यता व मानसिक एवं शारीरिक क्षमताओं का सम्पूर्ण विकास है. सामाजिक सुरक्षा से पूर्ण लाभ प्राप्त करने का अधिकार सम्मिलित है. बाल श्रम, बाल शोषण के रूप में यौन गतिविधि, अभद्र प्रदर्शन, बच्चे संवारने, बाल लैंगिक अत्याचार या चाइल्ड पोर्नोग्राफी का निर्माण करने के लिए बच्चे का उपयोग करना शामिल है. बाल विवाह सामाजिक कुरीतियों में शामिल है. इससे बच्चे का शारीरिक, मानसिक विकास अवरुद्ध होता है. सरकार ने बाल-विवाह पर सख्त कदम उठाया है. बाल विवाह से बच्चे जन्म लिए बच्चे नाटापन का शिकार हो रहा है. इस दौरान गुडटच और बेड टच तथा बच्चों के साथ होने वाले छेड़खानी से बचाव पर विस्तृत चर्चा की गयी. मौके पर संजीत महतो, ललन कुमार, अशोक शर्मा, रणधीर कुमार, धर्मशील कुमार, रामबहादुर यादव, हरिहर सहनी, जमील अहमद, शंभू महतो, अमित कुमार, देवेंद्र पासवान, सिकंदर सहनी, प्रियरंजन, आभा कुमारी, बाल प्रेरक, बाल संसद, मीना मंच के सदस्य सहित शिक्षक-शिक्षिका आदि मौजूद थे.

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By MANISH KUMAR

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