Begusarai News : मटिहानी प्रखंड क्षेत्र के छितरौर गांव में स्व. सत्यनारायण सिंह के घर के समीप गुप्ता लखमिनिया गंगा सुरक्षा बांध का एक हिस्सा एक बार फिर धंस गया है. जिस स्थान पर पूर्व में भी कटाव और धंसाव की स्थिति बनी थी, वहां मरम्मत के नाम पर केवल राबिश डालकर खानापूर्ति किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है. लगातार बारिश और पानी के बहाव के कारण उसी स्थान के दोबारा धंसने से आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई है.
पहले भी धंस चुका है बांध का हिस्सा
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में बांध धंसने के बाद स्थायी मरम्मत कराने के बजाय राबिश डालकर उसे भर दिया गया था. बारिश का पानी बहने के साथ ही राबिश बह गया और बांध का हिस्सा दोबारा कमजोर होकर धंस गया. ग्रामीणों का कहना है कि संवेदनशील स्थान पर मजबूत और स्थायी मरम्मत की जरूरत है.
बाढ़ के समय बांध पर रहता है गंगा का भारी दबाव
ग्रामीणों ने बताया कि गुप्ता लखमिनिया बांध गंगा सुरक्षा बांध है. बाढ़ के समय इस बांध पर गंगा का भारी दबाव रहता है. ऐसे में समय रहते बांध की मजबूत मरम्मत नहीं हुई तो आसपास के कई गांवों पर खतरा मंडरा सकता है.
जिला पार्षद ने विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह ने बांध की बदहाली को लेकर बाढ़ नियंत्रण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पिछली बार भी स्थानीय लोगों और मीडिया के माध्यम से प्रशासन को इस खतरनाक स्थल की जानकारी दी गई थी, लेकिन स्थायी समाधान करने के बजाय केवल लीपापोती और टेंडर की खानापूर्ति की गई. इसका परिणाम दोबारा बांध धंसने के रूप में सामने आया है.
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लखमिनिया से सिमरिया तक मजबूत बांध की मांग
जिला पार्षद ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग तथा नेपाल, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ रहे हिमस्खलन और संभावित बाढ़ को देखते हुए इस वर्ष खतरा अधिक है. उन्होंने कहा कि यदि लखमिनिया से सिमरिया तक बांध का मजबूत और स्थायी सुदृढ़ीकरण नहीं किया गया तो बेगूसराय का बड़ा इलाका और औद्योगिक क्षेत्र भी प्रभावित हो सकता है.
युद्धस्तर पर मरम्मत और मॉनिटरिंग की मांग
अंजनी कुमार सिंह ने जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग से युद्धस्तर पर स्थायी मरम्मत कराने की मांग की. साथ ही उन्होंने बांध की लगातार मॉनिटरिंग और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने की भी मांग की, ताकि बाढ़ के दौरान किसी बड़े खतरे को टाला जा सके.
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विभाग ने कहा, मरम्मत का काम लगभग पूरा
इधर, कनीय अभियंता अभिमन्यु कुमार ने बताया कि धंसे हुए स्थल पर मरम्मत का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है. बांध के अंदर बालू और ईंट भरकर उसे मजबूत किया गया है. इसके ऊपर प्लास्टिक और तिरपाल बिछाकर बोरियां लगायी गयी हैं, ताकि पानी के बहाव से बांध सुरक्षित रहे. उन्होंने बताया कि अवर प्रमंडल पदाधिकारी विकास कुमार और विभागीय अधिकारियों की निगरानी में यह कार्य कराया गया है.
ग्रामीणों ने स्थायी निर्माण की मांग दोहरायी
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इस बार केवल अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा. बांध का स्थायी और मजबूत निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि आगामी बाढ़ के दौरान बांध के दोबारा धंसने या किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके.
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