खेत के नीचे चलता था हथियारों का धंधा, बेगूसराय में मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, ऐसे हुआ खुलासा

Encounter in Bihar: बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के शालिग्रामी गांव में शनिवार को हथियार खरीदने पहुंचे अपराधियों की पुलिस के साथ भिड़ंत हाे गयी. इसमें पुलिस की गोली से एक अपराधी घायल हो गया. उसकी पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र निवासी राजकिशोर राय के पुत्र शिवदत्त राय के रूप में हुई. यहां पुलिस ने एक मिनी गन फैक्ट्री का भी खुलासा किया.

Encounter in Bihar: बिहार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एक कुख्यात अपराधी अपने कुछ गुर्गों के साथ शालिग्रामी की तरफ हथियार खरीदने निकला है. इसके बाद बलिया डीएसपी साक्षी कुमारी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल उस अपराधी का पीछा करते हुए शालिग्रामी गांव पहुंचे, जहां पुलिस को देखते ही दो बाइकों पर सवार करीब पांच-छह अपराधी पेड़ की ओट लेकर पुलिस पर फायरिंग करने लगे.

चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री

इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. इसमें एक अपराधी को जांघ में गोली लगी और वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा. साथी को गोली लगते देख अन्य अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गये. जख्मी अपराधी ने पुलिस को बताया कि तेज नारायण उच्च विद्यालय शालिग्रामी के उत्तर खेत में बने एक मकान में मिनी गन फैक्ट्री चल रही है, जहां वह साथियों के साथ हथियार खरीदने आया था.

क्या- क्या मिला

पुलिस ने जब अमित प्रसाद गुप्ता के घर की तलाशी ली, तो जमीन के नीचे एक तहखाना मिला, जिसे इस तरह से बनाया गया था कि अवैध हथियार निर्माण के दौरान ऊपर ढक्कन इस तरह से लग जाये कि किसी को संदेह न हो. फिलहाल उस घर में केवल एक वृद्ध महिला रहती है, जो मिनीगन फैक्ट्री संचालक शालीग्रामी निवासी अमित कुमार गुप्ता की नानी है. छापेमारी में मिनीगन फैक्ट्री से सात कट्टा, एक अर्धनिर्मित देसी पिस्तौल, सात मैगजीन, तीन लाख 70 हजार रुपये व 970 अवैध कफ सिरप तथा हथियार बनाने के कई सामान व उपकरण बरामद किये गये.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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