Begusarai News : तेतरी-डंडारी स्थित श्री जगन्नाथ मठ में भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं के साथ 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी. विश्वविख्यात पुरी रथयात्रा की तर्ज पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. रथयात्रा को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में अभी से उत्साह का माहौल है.
15 से 17 जुलाई तक चलेगा तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव
श्री जगन्नाथ मठ के मठाधीश श्रीनित्यरमण दास जी महाराज ने बताया कि रथयात्रा के अवसर पर 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 15 जुलाई को भजन-कीर्तन, 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा और 17 जुलाई को भगवान सत्यनारायण की पूजा-अर्चना के साथ भजन संध्या का आयोजन होगा.
विश्राम के बाद रथ पर विराजमान होंगे भगवान
मठाधीश ने बताया कि परंपरा के अनुसार भगवान श्रीजगन्नाथ का जलाभिषेक कराया जाएगा. अधिक स्नान के कारण भगवान के अस्वस्थ होने की मान्यता के तहत उन्हें कुछ समय के लिए सिंहासन से उतारकर विश्राम स्थल पर विराजमान कराया जाएगा. इस दौरान भगवान को काढ़ा, पनीर और छेना का भोग अर्पित किया जाएगा. स्वस्थ होने के बाद 16 जुलाई को भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे.
झांकियां, संकीर्तन और पुष्पवर्षा होंगे आकर्षण का केंद्र
रथयात्रा में भगवान की मनोहारी झांकियां, पारंपरिक वाद्य यंत्र, ध्वज-पताकाएं, बैंड-बाजे और संकीर्तन मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी. देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे बच्चे यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे. श्रद्धालु पुष्पवर्षा, जयघोष और भजन-कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत करेंगे. पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है.
प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली भव्य रथयात्रा
गौरतलब है कि 25 जून को श्री जगन्नाथ मठ में भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा सहित विभिन्न देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी. मठ के निर्माण का संकल्प बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष कौशलेंद्र कुमार सिंह एवं माता मधुमति सिंह ने लिया है. वर्तमान में मठ का संचालन श्रीनित्यरमण दास जी महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। 16 जुलाई को निकलने वाली रथयात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है.
