हमारे समाज के लिए अभिशाप है बाल विवाह : न्यायाधीश
बेगूसराय प्रखंड सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर बाल विवाह मुक्त भारत कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये प्रशिक्षण का आयोजन किया गया.
बेगूसराय. बेगूसराय प्रखंड सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर बाल विवाह मुक्त भारत कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. आगत अतिथि न्यायधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य एवं डालसा के पैनल अधिवक्ता का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम का शुरूआत की गयी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कुमारी आशालता ने सभी प्रशिक्षु कार्यकताओं से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 100 दिवसीय अभियान बनाया जायेगा. जिसमें बाल विवाह मुक्त भारत के बैनर तले सामुदायिक स्तर पर कानूनी समझ कैसे विकसित हो, जिससे समाजिक कुरीतियों को समाज से मिटाया जा सके. इस पर काम किया जायेगा. मुख्य अतिथी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश करूनानिधि प्रसाद आर्य ने कहा कि बाल विवाह हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है. क्योंकि बाल विवाह से हमारे देश के भविष्य बच्चों का मानसिक एवं शारिरिक स्वस्थ प्रभावित हो जाता है. उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके लिये दोषियों को दो साल तक की जेल या एक लाख रुपए का जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है. उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा से मुक्त कराना है और बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि आप जब लोगो के बीच जाए तो उन्हे बताए कि बाल विवाह में केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि टेंट संचालक, हलवाई, पंडित व आयोजन से जुड़े अन्य लोग भी दोषी माने जाएंगे. बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय थाना या प्रखंड विकास पदाधिकारी जिला प्रशासन को सूचित करे.
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