Begusarai News : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती के सातवें दिन शनिवार को दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया के तत्वावधान में मध्य विद्यालय बीहट और मध्य विद्यालय सिमरिया में विशेष समारोह का आयोजन किया गया.
मध्य विद्यालय बीहट में आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात साहित्यकार अशांत भोला ने कहा कि दिनकर जी केवल भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के कवि थे.
उन्होंने अपनी ओजस्वी रचनाओं में अतीत, वर्तमान और भविष्य तीनों का बहुत ही सुंदर जीवंत चित्रण किया है. आज के दौर में भी दिनकर जी की रचनाएं हम सभी को राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा देती हैं. कार्यक्रम का कुशल संचालन पत्रकार कुंदन कुमार ने किया.
समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए बीहट मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने कहा कि दिनकर को किसी एक खास भौगोलिक सीमा या गांव तक सीमित नहीं किया जा सकता, वे पूरी दुनिया के महान कवि हैं.
दिनकर के विचारों को अपनाने का अधिकार देश के हर नागरिक को
गोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर को याद करने और उनके विचारों को अपनाने का अधिकार देश के हर नागरिक का है. वहीं, दिनकर पुस्तकालय के सचिव संजीव फिरोज ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दिनकर की साहित्यिक आभा को कुंद करने की नापाक कोशिश कर रहे हैं, जिसका समाज को डटकर मुकाबला करना चाहिए.
बच्चों ने प्रस्तुत की कविताएं और नाटक
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्कूली बच्चों ने दिनकर की प्रसिद्ध कविताओं का शानदार पाठ किया. छात्र देवांश कुमार ने 'चूहे की दिल्ली यात्रा' सुनाकर वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया. इससे पहले अतिथियों को अंगवस्त्र और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया.
आकाश गंगा रंग चौपाल एसोसिएशन के सचिव गणेश गौरव ने पौधे भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया. इस अवसर पर संजीव फिरोज, विनोद बिहार, एके मनीष समेत कई गणमान्य लोग और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
मध्य विद्यालय सिमरिया में भी गूंजे दिनकर के बोल
दूसरी ओर, मध्य विद्यालय सिमरिया में आयोजित जयंती समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधान मोतीलाल रजक ने की, जबकि संचालन शिक्षक देवकांत कुमार ने किया. स्वागत भाषण अमर कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन समिति के कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने किया.
समारोह को संबोधित करते हुए युवा कवि ललन लालित्य ने कहा कि दिनकर हमेशा हम सभी के प्रेरणापुंज रहेंगे और सिमरिया साहित्य की मशाल थामे निरंतर आगे बढ़ रहा है. दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह, राजेश कुमार सिंह और जितेन्द्र झा ने भी अपने विचार रखे. इस दौरान प्रीतम कुमार, शिवानी कुमार, दिव्या कुमारी और अंशिका कुमारी ने दिनकर की प्रसिद्ध कृति 'संस्कृति के चार अध्याय' पर ओजस्वी भाषण दिए, जिसमें छात्र प्रीतम कुमार ने बाजी मारी.
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान पाने वाले मेधावी छात्रों को समिति के वरीय सदस्य कृष्णनंदन पिंकू ने नकद राशि देकर सम्मानित किया.
इसके साथ ही अमृता और सुप्रिया ने संयुक्त रूप से 'रश्मिरथी' के चौथे सर्ग का बहुत ही सुंदर और सजीव पाठ प्रस्तुत किया. इस मौके पर विद्यालय के तमाम शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे.
