बेगूसराय जिला परिषद की बैठक बुलाने की प्रक्रिया को लेकर जिला परिषद सदस्य अमित कुमार देव ने जिला पदाधिकारी, बेगूसराय को एक आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं अभिलेख-आधारित जांच कराने की मांग की है, और इस आवेदन पर जिला परिषद सदस्य नीतीश कुमार एवं मनमोहन महतो के भी हस्ताक्षर मौजूद हैं.
सीसीटीवी फुटेज से वास्तविकता सामने लाने की मांग
अमित कुमार देव ने अपने आवेदन में कहा है कि दिनांक 27 अगस्त 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान को बैठक बुलाने के लिए आवेदन दिए जाने का दावा किया जा रहा है, जबकि उनका कहना है कि उस दिन अध्यक्ष जिला परिषद कार्यालय के बाहर धरना पर बैठे थे और उनके साथ वे स्वयं, नीतीश कुमार, मनमोहन माथों सहित अन्य जिला परिषद सदस्य मौजूद थे.
उनके अनुसार उस दौरान किसी सदस्य द्वारा अध्यक्ष को बैठक बुलाने संबंधी कोई आवेदन नहीं दिया गया था, इसलिए उन्होंने डीएम से 27 अगस्त की सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराकर जांच कराने की मांग की है.
सदस्यों को नोटिस और उपाध्यक्ष की अध्यक्षता पर सवाल
आवेदन में अमित कुमार देव ने कहा है कि उन्हें प्रस्तावित बैठक के संबंध में विधिवत नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है और उन्होंने मांग की है कि सभी सदस्यों को सूचना देने के प्रमाण की जांच की जाए. साथ ही, यह भी सवाल उठाया गया है कि निर्वाचित अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान की अध्यक्षता में बैठक कराने के बजाय उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक कराने की प्रक्रिया किस वैधानिक आधार पर अपनाई जा रही है.
कोरम के अभाव और हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला
श्री देव ने पूर्व में कोरम के अभाव में स्थगित हुई बैठक का उल्लेख करते हुए रिकॉर्ड के आधार पर परीक्षण की मांग की है. इसके साथ ही, उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के सीडब्ल्यूजेसी नंबर 10778/2021, निर्णय दिनांक 23.08.2021 का हवाला देते हुए बिहार पंचायती राज संस्था (कार्य संचालन) नियम, 2015 के नियम 28 के प्रावधानों के तहत वैधानिक प्रक्रिया का पालन करने की बात कही है.
संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखने की मांग
अमित कुमार देव ने डीएम से मांग की है कि जांच पूरी होने तक 27 अगस्त की सीसीटीवी फुटेज, मूल आवेदन, प्राप्ति पंजी, डाक-डिस्पैच रिकॉर्ड, बैठक के नोटिस और उपस्थिति पंजी से संबंधित सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं, ताकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
