Begusarai News: (संजय कुमार सिन्हा) मानसून के आगमन से पहले एक बार फिर बेगूसराय शहर के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है. हर वर्ष की तरह इस बार भी नगर निगम प्रशासन ने छोटे-बड़े नालों की युद्धस्तर पर उड़ाही शुरू कर दी है, लेकिन इसके बावजूद शहरवासियों को आशंका है कि बरसात में जलजमाव की समस्या से पूरी तरह राहत नहीं मिल पाएगी.
शहर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने, तकनीकी मानकों के अनुरूप नालों का निर्माण नहीं होने तथा जल निकासी के बड़े मास्टर प्लान के धरातल पर नहीं उतरने के कारण वर्षों से स्थिति जस की तस बनी हुई है. शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां हल्की बारिश में भी सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं.
रेलवे लाइन के उत्तर स्थित वार्ड संख्या 1, 2, 10, 11, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 में जल निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. लोहियानगर के पूर्वी हिस्से में लंबे समय तक पानी जमा रहता है. वहीं वार्ड 23, 30, 32, 36, 38, 39 और 42 भी जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं.
नगर निगम के सहायक स्वच्छता एवं अवशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि बरसात से पहले सभी संपर्क नालों की गाद निकालने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है ताकि पानी का बहाव बाधित न हो. उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा नालों में प्लास्टिक और कचरा फेंकने से भी जाम की समस्या बढ़ जाती है.
30 मई तक सभी नालों की सफाई का लक्ष्य
नगर निगम के अनुसार अब तक शहर के 14 किलोमीटर से अधिक बड़े नालों की उड़ाही की जा चुकी है। पावर हाउस चौक से गांधी चौक, ट्रैफिक चौक से न्यू मॉल, रेलवे लाइन के दक्षिण अयोध्याबाड़ी, सुभाष चौक से विष्णु चौक तक सफाई कार्य पूरा किया गया है.
निगम प्रशासन ने 30 मई तक शहर के 426 छोटे और 21 बड़े नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य रखा है. नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर लगातार समीक्षा बैठक कर सफाई कार्य में तेजी लाने का निर्देश दे रहे हैं.
402 करोड़ की स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज योजना फाइलों में कैद
बेगूसराय शहर को स्थायी रूप से जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए सात निश्चय-2 के तहत स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज योजना तैयार की गई थी. नगर निगम द्वारा सभी 45 वार्डों के लिए करीब 402.41 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर वर्ष 2023 में नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजी गई थी.
लेकिन लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद योजना को अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है. विभागीय स्तर पर फाइल लंबित रहने से लोगों में निराशा बढ़ रही है. शहरवासियों का कहना है कि यदि योजना को जल्द मंजूरी नहीं मिली तो इस वर्ष भी बरसात में उन्हें जलजमाव की समस्या झेलनी पड़ेगी.
महापौर बोलीं — जल्द मिलेगी योजना को स्वीकृति
नगर निगम की महापौर पिंकी देवी ने कहा कि पद संभालते ही उन्होंने जलजमाव की समस्या को प्राथमिकता दी. कई सड़कों और नालों का उच्चीकरण कराया गया, जिससे कुछ इलाकों में राहत भी मिली है. उन्होंने बताया कि करीब 402 करोड़ रुपये की स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज योजना की डीपीआर विभाग को भेजी जा चुकी है तथा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक से स्वीकृति के लिए आग्रह किया गया है. जल्द मंजूरी मिलने का आश्वासन मिला है.
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