बेगूसराय : गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन नहीं बदली दियारा की तस्वीर; 65 हजार लोग अब भी नाव के सहारे

बेगूसराय के बलिया प्रखंड के दियारा इलाके में गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी स्थिति गंभीर बनी हुई है. सड़कों पर पानी और संपर्क टूटने के कारण लोगों को नाव के सहारे आना-जाना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई का संचालन कर राहत पहुंचाई जा रही है.

Begusarai Flood 2026 : गंगा के जलस्तर में लगातार धीरे-धीरे कमी आने के बावजूद बलिया प्रखंड क्षेत्र के दियारा इलाके में बाढ़ की स्थिति अब भी भयावह बनी हुई है. विगत मंगलवार से ही गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है.

चेचियाही ढाब में सड़क पर फैला बाढ़ का पानी

लेकिन बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरने के कारण दियारा क्षेत्र की अधिकांश सड़कें अभी भी आवागमन के लायक नहीं हो पाई हैं. मुख्य सड़कों पर करीब 3 से 5 फुट तक पानी फैला हुआ है. ऐसे में रविवार को भी लोगों को नाव के सहारे ही आवागमन करने को मजबूर होना पड़ा.

सड़कों पर पानी और आवागमन ठप

बाढ़ का पानी लोगों के घरों से धीरे-धीरे उतरने लगा है. लेकिन घरों के आसपास जलजमाव तथा सड़कों पर पानी फैले रहने के कारण लोगों की परेशानी बरकरार है. अभी भी दियारा क्षेत्र के गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क पूरी तरह टूटा हुआ है. जरूरी सामान की खरीदारी, इलाज तथा अन्य कार्यों के लिए लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है.

सामुदायिक रसोई और प्रशासनिक निगरानी

प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए रविवार को भी दियारा क्षेत्र सहित सनहा-गोरगामा बांध पर सामुदायिक रसोई का संचालन कराया गया. यहां बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

सनहा-गोरगामा बांध पर शरण लिये बाढ़ पीडि़त

प्रभावित पंचायतें और आबादी

बताया जाता है कि बलिया प्रखंड क्षेत्र के भवानंदपुर, ताजपुर, पहाड़पुर, परमानंदपुर सहित भरतपुर एवं फतेहपुर पंचायत के आंशिक हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं. इन क्षेत्रों में करीब 65 हजार की आबादी बाढ़ की विभीषिका झेल रही है.

सामान्य जनजीवन पर असर

जलस्तर में कमी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है. लेकिन सड़कों से पानी नहीं उतरने के कारण सामान्य जनजीवन अभी पटरी पर नहीं लौट सकी है. ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बाद भी सड़कें जलमग्न हैं. पानी पूरी तरह उतरने तक नाव ही आवागमन का मुख्य साधन बनी हुई है.

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By कृष्ण कुमार

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