विभिन्न दलों के साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में धूमधाम से मनी बाबा साहेब की जयंती

अनुमंडल एवं प्रखंड क्षेत्र में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई. कांग्रेस, जदयू, एवं राजद के साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भी छुट्टी के बावजूद बाबा साहेब की जयंती मनाई गई.

चेरियाबरियारपुर/मंझौल. अनुमंडल एवं प्रखंड क्षेत्र में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई. कांग्रेस, जदयू, एवं राजद के साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भी छुट्टी के बावजूद बाबा साहेब की जयंती मनाई गई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चेरिया बरियारपुर के पूर्व प्रमुख डेजी देवी के आवासीय प्रांगण में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष उदय सिंह की अध्यक्षता में राजेन्द्र महतो, शिव शंभु सिंह, विजय कुमार सिंह, अजय चौधरी, परशुराम सिंह, पंकज कुमार शिशु आदि कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए. वहीं राजद प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र राम की अध्यक्षता में पार्टी के निर्देश पर जयंती मनाई गई. जिसमें दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए. वहीं श्रीपुर पंचायत के बढ़कुरवा में जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव विकास कुशवाहा के नेतृत्व में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाते हुए सभा का आयोजन किया गया. जबकि दूसरी ओर जदयू प्रखंड अध्यक्ष मो जियाउल्ला की अध्यक्षता में भी बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जयंती समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें विनीत पासवान, संजय सिंह, रंजु देवी, सुनीता देवी, दशारथ महतो आदि शामिल हुए. इस दौरान सभी दल के लोगों ने अपने अपने अंदाज से देश के लिए बाबा साहेब के योगदान का चर्चा करते दिखे. कांग्रेस एवं राजद के द्वारा बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि आज देश में वर्तमान सरकार के द्वारा संविधान के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. इस पर पाबंदी लगाने की जरूरत है. इसके अलावे विभिन्न सरकारी एवं प्राइवेट शैक्षिक संस्थानों में भी धूमधाम से उक्त जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जानकारी के अनुसार उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय सिउरी के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार दास, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुर्गी फार्म बढ़कुरवा के प्रधान डॉ मोहन कुमार, संस्कृति पब्लिक स्कूल पबड़ा रोड मंझौल के निदेशक प्रवीण कुमार आदि के नेतृत्व में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाते हुए बताया गया कि हम सब को उनके पूजा करने से नहीं बल्कि उनके रचित किताबों से ही चेतना जगेगी. उन्होंने कहा था कि मंदिर की घंटी के आवाज़ पर जाने से पुजारी बनोगे. लेकिन स्कूल की घंटी की आवाज पर वहां पढ़ने से शिक्षक, प्रोफेसर, कलेक्टर, अधीक्षक, वैज्ञानिक, दार्शनिक बनोगे. तभी तुम राष्ट्र के विकास में सहयोग करने लायक हो सकते हो. तथा तुम अपने अधिकार और कर्तव्य को समझ सकते हो.

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By Amlesh prasad

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