मनुष्य अपने कर्मों का ही फल भोगता है : रमाशंकर उपाध्याय

प्रखंड क्षेत्र के कमला स्थान समस्तीपुर में आयोजित 11 दिवसीय महाशिवपुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.

साहेबपुरकमाल. प्रखंड क्षेत्र के कमला स्थान समस्तीपुर में आयोजित 11 दिवसीय महाशिवपुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. कथावाचक रमाशंकर उपाध्याय जी महाराज ने रविवार को कथा वाचन के दौरान कर्म सिद्धांत का गूढ़ संदेश देते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी की पंक्तियांकाहू न कोई सुख दुख कर दाता निज कृत कर्म भोग सब भ्राताका भावार्थ स्पष्ट करते हुए बताया गया कि मनुष्य अपने कर्मों का ही फल भोगता है.कथा में यह संदेश प्रमुखता से रखा गया कि जो व्यक्ति किसी का काम बिगाड़ता है, वह वास्तव में अपने ही विनाश का मार्ग प्रशस्त करता है. दूसरों के प्रति द्वेष, छल और अहंकार अंततः स्वयं के पतन का कारण बनते हैं, जबकि सद्कर्म, सेवा और करुणा जीवन को शिवमय बनाते हैं.कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव कर्म और चेतना के देवता हैं. उनका स्मरण हमें आत्मनिरीक्षण, संयम और सदाचार की प्रेरणा देता है. चतुर्थ दिवस की कथा में यह भी बताया गया कि शिवभक्ति का वास्तविक स्वरूप बाह्य आडंबर नहीं, बल्कि शुद्ध कर्म, सत्य आचरण और लोककल्याण की भावना है.कथा स्थल पर ॐ नमः शिवाय के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा.मौके पर पंकज कुमार सिंह,मुरारी सिंह,मनोज सिंह,राजेंद्र सिंह,नागो सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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By Manish kumar

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