Begusarai News : आठ प्रखंडों के 137 स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र 14 तक बंद

जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. बाढ़ के हालात को देखते हुए आठ प्रखंडों के 137 प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र 14 अगस्त तक बंद रहेंगे.

बेगूसराय. जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. बाढ़ के हालात को देखते हुए आठ प्रखंडों के 137 प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र 14 अगस्त तक बंद रहेंगे. डीएम तुषार सिंगला ने बताया कि मटिहानी, शाम्हो अकहा कुरहा, तेघरा, बलिया, बछवाड़ा, साहेबपुरकमाल, बरौनी एवं बेगूसराय में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है. कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल जाने के कारण विद्यालय परिसर जलमग्न हो गये हैं. स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. शाम्हो प्रखंड की अकबरपुर बरारी पंचायत के वार्ड सदस्य सिंटू कुमार ने आरोप लगाया कि बाढ़पीड़ितों के लिए संचालित कम्युनिटी किचन में चावल के अनुरूप दाल काफी कम मात्रा में दी जा रही है, जिससे लोगों में असंतोष की स्थिति है. उन्होंने जिलाधिकारी से इस समस्या के समाधान की मांग की है. उधर, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को आवेदन देकर बछवाड़ा प्रखंड की पांच पंचायतों चमथा एक, चमथा दो, चमथा तीन, विशनपुर और दादुपुर को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि गंगा नदी में अप्रत्याशित जलवृद्धि के कारण दियारे क्षेत्र की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं. घरों में पानी भर गया है और सड़कों पर पानी फैल जाने से इन पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है. नाव की कमी के कारण अब तक आधा दर्जन लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से अभी तक बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है. बाढ़पीड़ितों के लिए पर्याप्त कम्युनिटी किचन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर औपचारिकता भर के लिए लगाये जा रहे हैं. सामुदायिक शौचालय की भी व्यवस्था नहीं की गयी है, जिससे लोगों को अंधेरे में खेतों में शौच के लिए जाना पड़ रहा है. शिव प्रकाश गरीब दास ने कहा कि मवेशियों के लिए सूखा चारा और बाढ़पीड़ितों के लिए सूखा भोजन उपलब्ध नहीं है. उन्होंने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि दियारे की पांचों पंचायतों को बाढ़प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाये. साथ ही, मवेशियों के लिए पर्याप्त सूखा चारा, बाढ़पीड़ितों के लिए सूखा भोजन और जरूरत के अनुसार पर्याप्त नावों की व्यवस्था की जाये. इसके अलावा, दियारे क्षेत्र में विशेष आवंटन और विशेष निगरानी टीम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, ताकि बाढ़ राहत कार्यों में तेजी लायी जा सके.

बाढ़ आपदा नियमावली के तहत लाभ देने की मांग :

लोजपा रामविलास के जिलाध्यक्ष प्रेम कुमार पासवान ने कहा कि मटिहानी शाम्हो साहेबपुर कमाल, बलिया, बरौनी तेघरा, बछवाड़ा प्रखंड सहित नगर निगम क्षेत्र बाढ़पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए शासन और प्रशासन से इलाके को बाढ़ ग्रस्त घोषित करते हुए बाढ़ आपदा नियमावली के तहत सभी सहायता पीड़ित परिवार को अविलंब देने की मांग की. जिलाध्यक्ष ने कहा कि नाव के अभाव में लोग पानी में डूब रहे हैं. कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह सार्जन ने मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के रामदीरी में बाढ़ प्रभावित इलाकों का ट्रैक्टर से दौरा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सत्ता पक्ष के इशारे पर केवल खानापूर्ति कर रहा है और धरातल पर बाढ़ पीड़ितों के लिए कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है. सार्जन ने कहा कि कई परिवार डूबे घर छोड़कर पलायन कर गये हैं, मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध नहीं है और नाव, रोशनी व सामुदायिक किचन की व्यवस्था केवल कागजों पर सीमित है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की उदासीनता के कारण लोगों का जीवन भगवान भरोसे चल रहा है. दौरे में सुबोध कुमार, रणजीत कुमार मुखिया, पंकज कुमार सिंह, हरे राम सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

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Published by: Shah abid hussain

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