कुहासे काे कारण बता रेलवे ने रद्द कर रखी हैं दो ट्रेनें
बेगूसराय : कुहासे का कारण बताकर रेलवे ने 15 दिसंबर से दो महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन बंद रखा है. इन दो महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन दो महीने से बंद रहने के कारण स्थानीय लोगों के साथ ही बरौनी-कटिहार से यात्रा शुरू करनेवाले यात्रियों को पंजाब, अमृतसर आने-जाने में परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बेगूसराय : कुहासे का कारण बताकर रेलवे ने 15 दिसंबर से दो महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन बंद रखा है. इन दो महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन दो महीने से बंद रहने के कारण स्थानीय लोगों के साथ ही बरौनी-कटिहार से यात्रा शुरू करनेवाले यात्रियों को पंजाब, अमृतसर आने-जाने में परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है.
कुहासे की वजह से 15 दिसंबर से ही 15707 एवं 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस का परिचालन बंद है. इस ट्रेन के रद्द होने की वजह से बेगूसराय से पंजाब अमतृसर जानेवाले यात्रियों को पटना जाकर ट्रेन पकड़ने की नौबत आती है.
महीनों से नहीं है कुहासा, फिर भी रद्द हैं ट्रेनें :पूरे ठंड के मौसम में मात्र एक दिन ही कुहासा हो सका था लेकिन इसी कुहासे का नाम लेकर रेलवे द्वारा दो महत्वपूर्ण ट्रेन को रद्द रखा गया है. अब तो ठंड भी जा चुकी है. इस ट्रेन को दुबारा चलाने की मांग भी तेज हो चुकी है.
बेगूसराय से सैकड़ों यात्री जाते हैं अमृतसर:कटिहार से अमृतसर जानेवाली ट्रेन आम्रपाली एक्सप्रेस में बेगूसराय के सैकड़ों यात्री मजदूरी करने के खासकर जाते हैं. अमृतसर एवं पंजाब में कल-कारखाना रहने की वजह से बेगूसराय के मजदूर वर्ग के लोग मजदूर करने जाते हैं.
अप में 11 बजे तो डाउन में साढ़े तीन बजे है आम्रपाली का टाइम:आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन का टाइम अप में कटिहार से 22 बजकर 45 मिनट पर है. यह ट्रेन देर रात बेगूसराय स्टेशन पर 1 बजकर 48 मिनट पर रुकती है. जबकि अगले दिन 12 बजकर 45 मिनट पर ट्रेन अमृतसर अपने आखिरी पड़ाव तक पहुंचती है. जबकि डाउन में ट्रेन अमृतसर से सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुल कर बेगूसराय में अगले दिन दोपहर में 15 बजकर 43 मिनट पर पहुंचती है.
महीनों से बंद है जनसेवा एक्सप्रेस : बरौनी से सहरसा एवं सहरसा से बरौनी के बीच चलनेवाली जनसेवा एक्सप्रेस महीनों से बंद है. जनसेवा ट्रेन के बंद रहने के कारण व्यापारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. जनसेवा ट्रेन रद्द होने की वजह से कोशी क्षेत्र के लोग को व्यापार करने में मुश्किल हो रहा है.