बांका जिले के विभिन्न बजरंगबली मंदिरों में मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला. सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. भक्तों ने हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ कर बजरंगबली की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. कई मंदिरों में सुबह और शाम महाआरती का आयोजन किया गया. कपूर और घी के दीपक से आरती के बाद हनुमान जी को तुलसी, गुड़-चना और बेसन के लड्डू का भोग लगाया गया. पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
संकट मोचन मंदिर में सुबह से लगी भक्तों की कतार
अमरपुर बस स्टैंड और पंजवारा बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही. पंजवारा स्थित मंदिर का पट सुबह छह बजे खोला गया, जो रात नौ बजे तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहा. मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए बांका के आसपास के गांवों के अलावा झारखंड के विभिन्न गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचे.
हर मंगलवार और शनिवार को होता है विशेष आयोजन
पंजवारा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष महेश मंडल और सचिव विनय भगत ने बताया कि पुजारी बच्चेलाल मिश्रा के द्वारा नियमित रूप से श्रृंगार पूजा, आरती, महाआरती, भंडारा और प्रसाद वितरण किया जाता है. प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शाम में कीर्तन का आयोजन होता है. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाता है.
पंचमुखी मंदिर में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शहर के भयहरण स्थान और बाबूटोला स्थित पंचमुखी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गयी. दोनों मंदिरों के पट सुबह पांच बजे ही खोल दिये गये थे. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामभक्त हनुमान की पूजा की और आरती में हिस्सा लिया. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित बजरंगबली मंदिरों में शाम को विशेष आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ.
मंदार के मधुसूदन मंदिर में भी दिनभर चला अनुष्ठान
मंदार स्थित मधुसूदन मंदिर में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना की गयी. मंदिर के पुजारी के अनुसार सुबह 7.30 बजे पंडित विंदेश्वरी झा उर्फ पटल झा और लक्ष्मण झा ने भगवान की प्रतिमा का महास्नान कराया. दोपहर 12 बजे के बाद भगवान को भोग लगाया गया. शाम छह बजे श्रृंगार पूजा और भव्य आरती का आयोजन किया गया.
श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर का पट दोपहर एक बजे पुनः खोला गया, जबकि देर शाम सात बजे मंदिर का पट बंद किया गया. पूजा-पाठ और महाआरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की.
