सरेआम दो दोस्तों को गोलियों से भूना, बांका पुलिस ने सिर्फ 72 घंटे में ऐसे सुलझाई 'खूनी गुत्थी'! स्वतंत्रता दिवस पर 'सिंघम' थानाध्यक्ष का हुआ महा-सम्मान

बांका जिले में दो लोगों की बेरहमी से हत्या के बाद इलाके में दहशत थी. अमरपुर पुलिस ने 72 घंटे के अंदर हत्यारों को गिरफ्तार कर खूनी गुत्थी सुलझाई. इस जांबाज कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया गया.

बिहार के बांका जिले से कानून व्यवस्था और जांबाज पुलिसिंग की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने अपराधियों की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है. सरेआम हुई दो लोगों की बेरहमी से हत्या के बाद जब पूरा इलाका खौफ के साए में जी रहा था, तब अमरपुर पुलिस ने अपनी तेजतर्रार सूझबूझ से न सिर्फ हत्यारों को पाताल से ढूंढ निकाला बल्कि स्वतंत्रता दिवस के पावन मौके पर पूरे बिहार में मान भी बढ़ाया.

सरेआम गोलियों की गूंज और दहल उठा था पूरा बांका

यह पूरी वारदात अमरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर मकदुमा पंचायत के बलिया संथाली टोला के पास की है. जहाँ घात लगाए बैठे अपराधियों ने गरीबपुर पंचायत के धर्मराय गांव के रहने वाले गुंजन सिंह और उनके बेहद करीबी सहयोगी सिट्टू सिंह को गोलियों से भून डाला था. इस रोंगटे खड़े कर देने वाली दोहरी हत्या के बाद मानो पूरे बांका जिले में सनसनी फैल गई थी. मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर था, इसलिए पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने इस खूनी खेल का सच सामने लाने के लिए खुद कमान संभाली. उन्होंने तुरंत ही अमरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया और वैज्ञानिक अनुसंधान का दायरा बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया.

तीसरी आंख और मोबाइल लोकेशन से बिछाया गया 'शिकारी' जाल

थानाध्यक्ष राकेश कुमार और उनकी जांबाज टीम ने बिना वक्त गंवाए घटनास्थल से मिले एक-एक सबूत को इकट्ठा करना शुरू कर दिया. पुलिस ने मानवीय खुफिया सूचनाओं के साथ-साथ वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकी अनुसंधान का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया कि अपराधी चाहकर भी बच नहीं सके. दिन-रात एक करके की गई इस कड़ी तफ्तीश और पुलिस की जबरदस्त सक्रियता का परिणाम यह रहा कि महज 72 घंटे के भीतर ही इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन सिंह और सोमनाथ सिंह को पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही इस वीभत्स हत्याकांड की वो खूनी गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई, जिसे लेकर लोग तरह-तरह की कयासबाजी कर रहे थे.

लाल किले के जश्न के बीच पटना से बांका तक गूंजा जांबाजों का नाम

पुलिस की इस बेमिसाल और रिकॉर्ड तोड़ त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ जनता का भरोसा जीता बल्कि सीधे बिहार के गृह विभाग तक इसकी गूंज सुनाई दी. इसी शानदार उपलब्धि को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पटना के कार्यालय से थानाध्यक्ष राकेश कुमार और उनकी पूरी टीम को पुरस्कृत करने की विशेष अनुशंसा भेजी गई थी. इसके बाद स्वतंत्रता दिवस के पावन राष्ट्रीय पर्व पर जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने मंच से थानाध्यक्ष राकेश कुमार को उनके अदम्य साहस और उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया. इस सम्मानित दल में बांका अंचल के पुलिस निरीक्षक रामाशंकर सिंह, तकनीकी शाखा के प्रभारी मनीष कुमार, मैनमा ओपी के थानाध्यक्ष अयांश रंजन कुमार और अमरपुर थाना के पुलिस पदाधिकारी शरत श्रीकांत का नाम भी शामिल है, जिन्हें इस महा-सफलता के लिए पुरस्कृत किया जायेगा.

तस्वीरों में देखें: गांधी मैदान स्वतंत्रता दिवस समारोह में सजी बिहार की रंग-बिरंगी झांकियां


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लेखक के बारे में

By प्रीतम कुमार

प्रीतम कुमार प्रिंट माध्यम में 12 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं. अमरपुर (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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