Shravani Yatra: कटोरिया (बांका) से होकर गुजरने वाले विश्व प्रसिद्ध कांवरिया पथ पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देशों से पहुंचे शिवभक्त उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए लगातार देवघर की ओर बढ़ते रहे. पूरे दिन मार्ग भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा.
देश-विदेश से पहुंचे शिवभक्त
असम, पश्चिम बंगाल, नेपाल, भूटान सहित कई राज्यों और पड़ोसी देशों से आए महिला एवं पुरुष श्रद्धालु केसरिया वस्त्र धारण कर कटोरिया क्षेत्र से होकर बाबाधाम की ओर बढ़ते रहे. पूरे कांवरिया पथ पर "बोल बम", "हर-हर महादेव" और "बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है" के जयघोष लगातार गूंजते रहे.
बारिश ने बढ़ाया कांवरियों का उत्साह
दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादल छा गए. शाम करीब पांच बजे शुरू हुई रिमझिम बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई. बारिश होते ही शिवभक्त झूमते हुए और अधिक उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखते नजर आए. मौसम सुहावना होने से कांवरियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखायी दी.
विभिन्न पड़ावों पर किया विश्राम
दोपहर के समय जिलेबिया मोड़, टंगेश्वर, अबरखा, सतलेटवा, तरपतिया, कुरावा, कांवरिया धर्मशाला, जमुआ मोड़, राजबाड़ा, कोल्हुआ, देवासी, इनारावरण, हथगढ़, भूलभूलैया, गोड़ियारी और दुम्मा सहित विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालु पेड़ों की छांव और विश्राम स्थलों पर आराम करते दिखाई दिये.
रात में धर्मशालाओं में ठहरे श्रद्धालु
शाम ढलने के साथ ही सरकारी और निजी धर्मशालाओं में कांवरियों का ठहराव शुरू हो गया. संध्या आरती, पूजन और बाबा भोलेनाथ की स्तुति के बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक भोजन किया तथा अगले पड़ाव की यात्रा की तैयारी में जुट गये.
श्रावणी मेला की तैयारियां अंतिम चरण में
Shravani Yatra: 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर पूरे कांवरिया पथ पर तैयारियां तेज हो गई हैं. सेवा शिविर, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सहायता केंद्र और विश्राम स्थलों को दुरुस्त किया जा रहा है. स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग शिविर एवं पंडाल तैयार करने में जुटे हैं, जबकि प्रशासन भी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगा है.
