विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का शुक्रवार 28 अगस्त को औपचारिक समापन हो जाएगा, लेकिन मेला समाप्त होने से ठीक एक दिन पहले कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की भीड़ ने आस्था का रंग और गहरा कर दिया है. सावन पूर्णिमा के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कांवरिये लगातार बाबाधाम की ओर बढ़ रहे हैं. कांवरियों के जत्थों से पूरा मार्ग बोलबम, हर-हर महादेव और बाबा एक सहारा है के जयकारों से गूंज रहा है.
समापन से पहले चरम पर पहुंची कांवरियों की भीड़
सावन पूर्णिमा के मौके पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण को लेकर कांवरियों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है. कांधे पर कांवर और जुबान पर बोलबम का जयकारा लिये शिवभक्त लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. मेला समापन की तारीख नजदीक आने के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आयी है.
कांवरिया पथ पर सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है. रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविरों से मिल रही सुविधाओं के बीच कांवरिये अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं. पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है.
बढ़ती भीड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. कटोरिया स्थित जिला नियंत्रण कक्ष और जिलेबिया मोड़ स्थित उप नियंत्रण कक्ष से मेला व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है.
नियंत्रण कक्षों में प्रतिनियुक्त वरीय अधिकारियों के साथ दंडाधिकारी, पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं. कांवरिया पथ के विभिन्न सेक्टरों में तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और जवान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सेवा सुनिश्चित करने में जुटे हैं.
टेंट सिटी और धर्मशालाओं में जगह कम पड़ रही
कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर विश्राम स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है. टेंट सिटी, सरकारी धर्मशालाओं और कैफेटेरिया में दोपहर होते-होते बड़ी संख्या में कांवरिये पहुंच जा रहे हैं. कई स्थानों पर बनाए गये सेवा शिविरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है.
सेवा शिविरों के माध्यम से कांवरियों को भोजन, पानी और विश्राम समेत विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करने के बाद फिर बोलबम का जयकारा लगाते हुए बाबाधाम की ओर रवाना हो रहे हैं.
30 जुलाई को शुरू हुआ था श्रावणी मेला
इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का शुभारंभ 30 जुलाई को हुआ था. करीब एक महीने तक चले मेले का शुक्रवार 28 अगस्त को औपचारिक रूप से समापन होगा. हालांकि, मेला समाप्त होने के साथ कांवर यात्रा पूरी तरह थमने वाली नहीं है.
सावन के बाद भादो माह में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे. ऐसे में समापन से एक दिन पहले भी कांवरिया पथ पर आस्था का उत्साह चरम पर है. मार्ग पर जहां नजर जा रही है, वहां कांवरियों की कतार और हर ओर बोलबम के जयकारे सुनाई दे रहे हैं.
