Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान कटोरिया-देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित दरभाषण नदी पुल यातायात व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी है. प्रतिदिन लाखों कांवरियों और हजारों वाहनों की आवाजाही के बीच इस पुल पर थोड़ी सी अव्यवस्था भी महाजाम का कारण बन सकती है. ऐसे में प्रशासन के लिए सुचारु यातायात बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी.
एक ही पुल से गुजरेंगे कांवरिया और वाहन
श्रावणी मेला के दौरान पुराने दरभाषण पुल के आधे हिस्से से पैदल कांवरियों को बाबाधाम की ओर भेजा जाता है, जबकि दूसरे हिस्से से वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था के तहत कटोरिया से देवघर की ओर वाहनों का परिचालन कराया जाता है.
ऐसी स्थिति में यदि कोई वाहन चालक ओवरटेक करने या नियमों का उल्लंघन करता है तो कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है. इसका असर कांवरियों, एंबुलेंस, बसों, ट्रकों और निजी वाहनों की आवाजाही पर पड़ता है.
पुल पर होगी मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती
हर वर्ष की तरह इस बार भी पुल के दोनों छोर पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. कांवरियों और वाहनों की अलग-अलग आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लोहे की पाइप और बांस से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाती रही है.
हालांकि मेला शुरू होने में अब अधिक समय नहीं बचा है, लेकिन अभी तक बैरिकेडिंग का कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है.
नया पुल अधूरा, पुरानी व्यवस्था पर ही निर्भर प्रशासन
दरभाषण नदी पर निर्माणाधीन नए पुल से इस वर्ष यातायात शुरू होने की उम्मीद थी. प्रशासन की योजना थी कि सभी वाहनों को नए पुल से गुजारा जाएगा और पुराने पुल को पूरी तरह कांवरियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.
लेकिन भूमि मुआवजा विवाद हाईकोर्ट पहुंचने के कारण निर्माण कार्य बंद पड़ा है. इससे प्रशासन की वैकल्पिक योजना फिलहाल अधूरी रह गई है और इस वर्ष भी पूरी व्यवस्था पुराने पुल पर ही निर्भर रहेगी.
कटोरिया-देवघर मार्ग की लाइफलाइन है दरभाषण पुल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दरभाषण नदी पुल कटोरिया-देवघर मार्ग की लाइफलाइन है. श्रावणी मेला के दौरान प्रतिदिन हजारों वाहनों और लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए समय रहते बैरिकेडिंग, कड़ी ट्रैफिक निगरानी और नियमों का सख्ती से पालन कराया गया तो महाजाम की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है.
