धोरैया (बांका). बिहार विधानसभा के तृतीय सत्र के दौरान सदस्य मनीष कुमार ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से राज्य की विभिन्न सरकारी नियुक्तियों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. यह मामला विधानसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया था और इस पर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सरकार का वक्तव्य भी निर्धारित था.
कई विभागों में शून्य अथवा अत्यंत कम रिक्तियां दर्शाई जा रही
मनीष कुमार ने अपने ध्यानाकर्षण में कहा कि बिहार राज्य के विभिन्न नियुक्ति आयोगों द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों में एससी वर्ग के लिए निर्धारित 16 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद कई विभागों में शून्य अथवा अत्यंत कम रिक्तियां दर्शाई जा रही हैं. कहा, प्रवर्तन अवर निरीक्षक के 33 पदों में एससी के लिए कोई पद नहीं, जल संसाधन विभाग में जेई (असैनिक) के 558 पदों में मात्र 10 पद, योजना सहायक के 88 पदों में कोई पद तथा अंकेक्षण सहायक समितियों के 198 पदों में केवल 9 पद एससी वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं. वहीं, दारोगा भर्ती के 1799 पदों में 210 पद एससी वर्ग को दिए गए हैं.
फ्रीज पदों पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए
उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति का मुख्य कारण वर्गवारी व्यवस्था नियमावली-2023 के तहत SCT के पदों को फ्रीज (Freeze) किया जाना है. विधायक ने मांग की कि फ्रीज पदों पर कर्मियों को उच्चतर प्रभार देकर तथा नई नियुक्तियों में SCT वर्ग के लिए निर्धारित 17 प्रतिशत (SC 16% + ST 1%) प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए.
सरकार की ओर से दिया गया जवाब
विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार इस ध्यानाकर्षण सूचना पर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सरकार का जवाब विजेंद्र यादव ने दिया जिसमें उन्होंने बताया कि सवाल जायज है और इसकी समीक्षा कर समुचित कार्रवाई की जाएगी.
