बांका सदर अस्पताल में रविवार को नियमित ओपीडी सेवा और ब्लड सेंटर बंद रहा. हालांकि आपातकालीन मरीजों को इलाज में परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी और एसएनसीयू में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेगी. अस्पताल प्रबंधन की ओर से तीन पालियों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी गयी है. वहीं सभी वार्डों में जीएनएम और ए ग्रेड नर्स की तैनाती पूर्ववत रखी गयी है, जबकि प्रसव कक्ष में महिला चिकित्सक की ड्यूटी भी सुनिश्चित की गयी है.
ओपीडी बंद, इमरजेंसी सेवा रहेगी चालू
रविवार को नियमित ओपीडी बंद रहने के बावजूद इमरजेंसी सेवा 24 घंटे संचालित रहेगी. पहली पाली सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ उस्मान गनी, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ अबसर आलम और तीसरी पाली रात 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक डॉ रविकांत इमरजेंसी में मरीजों को अपनी सेवा देंगे.
अस्पताल आने वाले गंभीर और आपातकालीन मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है.
एसएनसीयू में भी तीन पालियों में डॉक्टरों की ड्यूटी
नवजात बच्चों के इलाज के लिए एसएनसीयू सेवा भी 24 घंटे जारी रहेगी. पहली पाली में डॉ रागनी प्रिया, दूसरी पाली में डॉ पंकज कुमार गुप्ता और तीसरी पाली में डॉ रविकांत ने ड्यूटी संभालेंगे.
एसएनसीयू में भर्ती नवजातों की नियमित निगरानी और उपचार के लिए चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों की भी तैनाती रहेगी.
महिला चिकित्सक और प्रसव कक्ष में भी व्यवस्था
महिला मरीजों के इलाज के लिए डॉ अनिता अरुण की ड्यूटी लगायी गयी है. वहीं प्रसव कक्ष में भी महिला चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इसका उद्देश्य प्रसव से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है.
वार्डों में नर्सों की तैनाती रहेगी पूर्ववत
अस्पताल के सभी वार्डों में मरीजों की देखभाल के लिए जीएनएम की प्रतिनियुक्ति पूर्ववत रहेगी. इसके अलावा ए ग्रेड नर्सों को भी अलग-अलग वार्डों में ड्यूटी पर लगायी गयी है. ऑन-कॉल ड्यूटी पर भी चिकित्सकों को उपलब्ध रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिल सके.
ब्लड सेंटर भी रहेगी बंद
रविवार को नियमित ओपीडी के साथ सदर अस्पताल का ब्लड सेंटर भी बंद रहेगा. हालांकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए इमरजेंसी, एसएनसीयू और प्रसव कक्ष में आवश्यक व्यवस्था जारी रखी गयी है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से रविवार को भर्ती मरीजों की देखभाल और गंभीर मरीजों के इलाज में किसी तरह की बाधा न हो, इसके लिए निर्धारित ड्यूटी रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गयी है.
