बौंसी (बांका). परमेश्वर लाल खेमका सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर, बौंसी में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर उत्साहपूर्ण वातावरण में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय की बहनों ने उत्साह और प्रसन्नता के साथ विभिन्न प्रकार की सुंदर एवं आकर्षक राखियां बनाईं. अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मनमोहक राखियां तैयार कीं.
रक्षाबंधन प्रेम और विश्वास का पर्व
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की आचार्या सुनीता कुमारी ने रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह, विश्वास और आपसी संरक्षण का पवित्र पर्व है. यह पर्व पारिवारिक रिश्तों की मजबूती के साथ भारतीय संस्कृति में निहित प्रेम और आत्मीयता की भावना को भी दर्शाता है.
राखी बांधने के साथ रक्षा का संकल्प भी जरूरी
रुचि कुमारी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि इस पर्व के माध्यम से परिवार और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश मिलता है.
छात्राओं की रचनात्मकता बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम प्रमुख रुचि कुमारी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया. छात्राओं द्वारा स्वयं तैयार की गई राखियां आयोजन का विशेष आकर्षण रहीं. अलग-अलग रंगों और डिजाइन से तैयार राखियों के माध्यम से छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
आचार्य बंधु-भगिनी ने बढ़ाया उत्साह
आयोजन के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह और उमंग से भरा रहा. इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य बंधु-भगिनी मौजूद रहे और उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक महत्व के साथ आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे का संदेश दिया गया.
