अज्ञात वाहन की ठोकर से प्रवासी मजदूर की दर्दनाक मौत
झारखंड के गोड्डा जिला अंतर्गत पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के फोरलेन सड़क पर सोमवार को एक हृदय विदारक सड़क हादसे में बौंसी थाना क्षेत्र के 45 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गयी.
By SHUBHASH BAIDYA | Updated at :
फोरलेन बना मौत का रास्ता, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा भाई, देवघर एम्स में चल रहा इलाज
बौंसी. झारखंड के गोड्डा जिला अंतर्गत पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के फोरलेन सड़क पर सोमवार को एक हृदय विदारक सड़क हादसे में बौंसी थाना क्षेत्र के 45 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि उसका सहोदर भाई गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना सोमवार रात की है. हादसे के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. मृतक की पहचान बौंसी थाना क्षेत्र के कोईली जोर गांव निवासी स्व गिरीश मडैया के पुत्र संजय कुमार मडैया के रूप में की गयी है. बताया गया कि संजय अपने भाई रामकुमार मडैया व अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर दुमका जिले के गंगवारा हाट खरीदारी करने गये थे. वापसी के दौरान पत्नी को घटवारी चौक पर छोड़कर दोनों भाई अपने साले प्रकाश मुर्मू को पैसे देने फोरलेन के रास्ते पोड़ैयाहाट जा रहे थे. पोड़ैयाहाट के गायत्री नगर के समीप पहुंचते ही एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि संजय कुमार मडैया की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि रामकुमार मडैया गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से घायल रामकुमार को पहले पोड़ैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए गोड्डा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. घटना की सूचना मिलते ही पोड़ैयाहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गयी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जख्मी को गोड्डा से भी देवघर एम्स रेफर कर दिया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है.
कुछ दिन पूर्व ही बेंगलुरु से गांव लौटा था युवक
मालूम हो कि मृतक बेंगलुरु में रहकर मजदूरी करता था और परिवार की जीविका का मुख्य सहारा था. कुछ दिन पूर्व ही वह बेंगलुरु से गांव लौटा था. बताया जाता है कि दोनों भाई खुद के लिए काम ढूंढने देवघर गये थे. वापसी में सरैयाहाट थाना क्षेत्र के कोठिया गांव में अपने रिश्तेदार के घर भी मिलने गये थे. यहां के बाद दोनों गंगवारा कैसे पहुंचे, यह भी परिजनों को नहीं पता है. अचानक हुई इस दुर्घटना ने परिवार की खुशियां छीन ली. घर में रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं. स्थानीय लोगों ने फोरलेन पर तेज रफ्तार और अज्ञात वाहनों की लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है. मालूम हो कि इस नये बने फोरलेन पर आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है.
परिजनों का रो-रो कर है बुरा हाल
मृतक के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार की सुबह होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. वहीं मृतक की पत्नी सुशीला देवी ने बताया कि चार दिन पूर्व हमलोग बेंगलुरू से काम कर घर वापस लौटे हैं. संजय की कमाई से हमारा खर्च चलता था. हमारे चार छोटे-छोटे बच्चे हैं. अब बच्चों की परवरिश करने में कठिनाई होगी. मृतक के 12 वर्षीय पुत्र बादल मडैया, आठ वर्षीय पुत्री बर्षा, पांच वर्षीय रितिका और तीन वर्षीय रितु का रो-रोकर बुरा हाल है.