कटोरिया (बांका). कटोरिया बाजार स्थित बांका रोड में शनिवार को दिवंगत सत्संगप्रेमी सह समाजसेवी स्व. सुरेंद्र प्रसाद भगत की पुण्य स्मृति में एकदिवसीय संतमत सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु और सत्संगप्रेमी शामिल हुए. पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा. श्रद्धालुओं ने भजन, प्रवचन और ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया.
स्वामी अभिषेकानंद महाराज ने दिया आध्यात्मिक संदेश
कार्यक्रम में संतमत सत्संग आश्रम, देवघर से पहुंचे पूज्य स्वामी अभिषेकानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मनुष्य को ईश्वर की भक्ति के साथ मानवीय संस्कार अर्जित कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए. संतों के सानिध्य से ही मानव जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है.
उन्होंने कहा कि सत्संग में सत्य का संग होता है और संतों की वाणी से मन एवं वचन दोनों पवित्र होते हैं. इसलिए मनुष्य को नियमित रूप से सत्संग में शामिल होकर आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए.
स्वस्थ और निर्मल मन के लिए सत्संग जरूरी
स्वामी अभिषेकानंद ने कहा कि जहां भी सत्संग का आयोजन हो, वहां समय निकालकर अवश्य शामिल होना चाहिए. सत्संग के माध्यम से मनुष्य को अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध होता है.
उन्होंने कहा कि सत्संग के अभाव में मनुष्य का जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं तक सीमित रह सकता है. जिस प्रकार स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार जरूरी है, उसी प्रकार स्वस्थ एवं निर्मल मन के लिए सत्संग आवश्यक है.
भक्ति और सदाचार से सार्थक होगा मानव जीवन
स्वामी जी ने श्रद्धालुओं से ईश्वर की भक्ति, सदाचार और अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल सांसारिक मोह-माया में नहीं गंवाना चाहिए.
ईश्वर की भक्ति और सत्कर्मों के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बनाते हुए मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर हो सकता है.
स्व. भगत को श्रद्धालुओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्मलीन महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की तस्वीर पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर किया गया. इसके बाद दिवंगत सत्संगप्रेमी सह समाजसेवी स्व. सुरेंद्र प्रसाद भगत की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी.
इस दौरान श्रद्धालुओं ने उनके सामाजिक और धार्मिक योगदान को याद किया तथा उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की.
भजन, प्रवचन और ध्यान के बाद हुआ भंडारा
सत्संग के दौरान भजन, स्तुति, प्रवचन, ध्यान और आरती का आयोजन किया गया. आध्यात्मिक वातावरण में श्रद्धालु देर तक सत्संग में मौजूद रहे. कार्यक्रम के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. वहीं आयोजित भंडारे में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.
परिजन सहित बड़ी संख्या में सत्संगप्रेमी रहे मौजूद
मौके पर दिवंगत सत्संगप्रेमी की पत्नी सह आशा कार्यकर्ता वीणा देवी, पुत्र अमरनाथ भगत, पारस उर्फ पिंकू भगत, मनीष भगत, राजेंद्र भगत, महेंद्र भगत, विष्णुदेव भगत, अगम वर्णवाल, कमलेश्वरी गांधी, उदय साह, बजरंगी वर्णवाल, अभय चौधरी, टहलेश्वर यादव, वीरो तांती, अरुण भगत सहित बड़ी संख्या में सत्संगप्रेमी उपस्थित रहे.