विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के 27वें दिन मंगलवार को कटोरिया क्षेत्र से गुजरने वाला संपूर्ण कांवरिया पथ शिवभक्ति में डूबा नजर आया. सावन की अंतिम सोमवारी पर उत्तरवाहिनी गंगा सुल्तानगंज से कांवर में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना हुए श्रद्धालुओं के जत्थे मंगलवार शाम से कटोरिया क्षेत्र में पहुंचने लगे. कांवरियों के बढ़ते कदमों के साथ मार्ग पर भक्ति, उत्साह और सेवा का रंग भी और गहरा होता गया.
बोलबम के जयकारों से गूंजता रहा कांवरिया पथ
कांवरिया पथ पर ‘बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है’ और ‘बोलबम का नारा है, बाबा एक सहारा है’ जैसे जयकारों की गूंज सुनाई देती रही. देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्तों की टोलियां पूरे उत्साह के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ती रहीं.
कांवरियों के साथ बज रहे डमरू और आकर्षक कांवरों में लगे घुंघरुओं की रुनझुन ने वातावरण को और भक्तिमय बना दिया. कई जगह श्रद्धालु समूह बनाकर बोलबम का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ते नजर आए. थकान के बावजूद कांवरियों के चेहरे पर बाबा के दर्शन और जलार्पण को लेकर उत्साह साफ दिखाई दिया.
कांवरियों की सुविधा पर प्रशासन की नजर
मेले के अंतिम चरण में भी प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रही. कांवरिया पथ पर स्थित सरकारी धर्मशालाओं, टेंट सिटी और कैफेटेरिया में उपलब्ध सुविधाओं का श्रद्धालुओं को बेहतर लाभ मिले, इसे लेकर अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे.
दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी कांवरिया पथ के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेते रहे. भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मुस्तैद रही.
अंतिम सेवा के बाद सिमटेंगे शिविर
श्रावणी मेला अब समापन की ओर बढ़ रहा है. इसके साथ ही कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की सेवा में लगे नि:शुल्क सेवा शिविरों के हटने का सिलसिला भी शुरू हो गया है. कई शिविरों में मंगलवार रात तक अंतिम सेवा देने की तैयारी रही. इसके बाद धीरे-धीरे शिविरों को समेटने का काम शुरू किया जाएगा.
हालांकि मेला समाप्ति की ओर बढ़ने के बावजूद कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है. अंतिम चरण में भी सेवा शिविरों और स्थानीय लोगों की ओर से कांवरियों की मदद का सिलसिला देखने को मिल रहा है.
श्रावणी पूर्णिमा पर बाजार को भी उम्मीद
श्रावणी पूर्णिमा को लेकर कांवरिया पथ के छोटे-बड़े दुकानदारों में भी उत्साह बना हुआ है. दुकानदारों को उम्मीद है कि अंतिम सोमवारी के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे.
श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करेंगे. ऐसे में श्रावणी मेला के अंतिम पड़ाव पर भी कांवरिया पथ पर आस्था, सेवा और कारोबार की रौनक बनी रहने की उम्मीद है.
