ड्रॉपआउट बालिकाओं की पहचान कर शिक्षा से जोड़ने की पहल
समग्र सेवा संस्था की ओर से जिले में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है
बालिका शिक्षा को बढ़ावा को लेकर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम
बांका/कटोरिया.
समग्र सेवा संस्था की ओर से जिले में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है. इसी क्रम में जिले के सात प्रखंडों बांका सदर, कटोरिया, चांदन, बौसी, धोरैया, फुल्लीडुमर व शंभुगंज के प्रशिक्षित फील्ड कोऑर्डिनेटरों के साथ एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन समग्र सेवा के जिला कार्यालय में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था सचिव मकेश्वर ने की. इसका मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की अनामांकित व ड्रॉपआउट बालिकाओं की पहचान कर उन्हें विद्यालय में नामांकित करना व उनके निरंतर ठहराव को सुनिश्चित करना है. इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के माध्यम से अनामांकित व ड्रॉपआउट बालिकाओं की पहचान की प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी. इसके साथ ही समुदाय व अभिभावकों से प्रभावी संवाद स्थापित करने की रणनीति तथा आगामी सत्र में नामांकन अभियान को सफल बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया. फील्ड कोऑर्डिनेटरों को सर्वेक्षण के कार्यप्रणाली की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम में संस्था सचिव मकेश्वर ने बालिकाओं की शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का मूल आधार है. उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक बाधाओं पर अपने अनुभव साझा किए व उनके समाधान हेतु सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यक्रम में जिले के सभी फील्ड कोऑर्डिनेटर, जिला समन्वयक एवं संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे और अपने-अपने क्षेत्रीय अनुभवों को साझा किया. समग्र सेवा संस्था का यह प्रयास जिले में बालिकाओं की शैक्षणिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. संस्था ने सभी संबंधित हितधारकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है.