बांका जिले के बौसी नगर पंचायत अंतर्गत थाना कॉलोनी स्थित वार्ड संख्या 15 में चरमराती सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों का असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. निवासियों का गंभीर आरोप है कि पूरे वार्ड में सप्ताह में मात्र दो दिन ही सफाई कर्मचारी पहुंचते हैं, और कचरा उठाव की कोई नियमित समय-सारणी नहीं है. इसके परिणामस्वरूप थाना कॉलोनी के पीछे बौसी थाने के दूसरे प्रवेश द्वार के समीप कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है, जिससे उठ रही सड़ांध से पूरे इलाके का माहौल दूषित हो गया है.
नियमित सफाई न होने से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन को बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है:
- आवागमन में भारी परेशानी: गली नंबर एक के निवासी छोटू घोष, कमल सिंह, रविंद्र शर्मा, गोपाल शर्मा और शंकर झा समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि नियमित रूप से झाड़ू न लगने और कचरा न उठने से चारों तरफ गंदगी फैली रहती है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों का निकलना दूभर हो गया है.
"समय पर होल्डिंग टैक्स लेते हैं, तो बुनियादी सुविधा क्यों नहीं?"
वार्डवासियों ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए कहा:
स्थानीय निवासियों का आक्रोश: "नगर पंचायत प्रशासन हमसे हर साल समय पर होल्डिंग टैक्स (Holding Tax) की वसूली तो सख्ती से कर लेता है, लेकिन जब बात सफाई जैसी बुनियादी नागरिक सुविधा देने की आती है, तो वार्ड 15 के साथ उपेक्षा की जाती है. जब हम टैक्स दे रहे हैं, तो हमें रोजाना सफाई और कचरा उठाव की सुविधा क्यों नहीं मिल रही?"
नगर पंचायत प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
वार्ड संख्या 15 के नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है:
- प्रतिदिन हो सफाई: वार्ड में रोजाना झाड़ू लगाने और घर-घर से कचरा उठाने (Door-to-Door Garbage Collection) की समयबद्ध व्यवस्था लागू की जाए.
- कचरा प्वाइंट की सफाई: थाना के दूसरे प्रवेश द्वार के पास जमा कचरे के अंबार को तुरंत हटाकर क्षेत्र को सैनिटाइज किया जाए, ताकि लोगों को बदबू और मच्छरों के प्रकोप से राहत मिल सके.
