Electrocution Death: बौंसी (बांका). बौंसी प्रखंड अंतर्गत कैरी पंचायत के भतडीहा गांव में शनिवार को करंट लगने से एक किसान की मौत हो गई. घटना उस समय हुई जब किसान अपने खेत में धान की खेती के लिए पटवन का कार्य कर रहे थे. ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल खेत से निकालकर घर पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
पटवन के दौरान करंट की चपेट में आए किसान
जानकारी के अनुसार भतडीहा गांव निवासी 60 वर्षीय शंकर सिंह शनिवार सुबह अपने खेत में धान की खेती की तैयारी के लिए पटवन कर रहे थे. इसी दौरान खेत में लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से उन्हें तेज करंट लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना के बाद गांव में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. मृतक का शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई. पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ मृतक के घर पर जुट गई.
परिवार का एकमात्र सहारा थे शंकर सिंह
ग्रामीणों ने बताया कि शंकर सिंह बेहद गरीब किसान थे. उनके पास थोड़ी-सी कृषि योग्य जमीन थी, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता था. खेती और मेहनत-मजदूरी ही उनकी आय का मुख्य साधन था.
पत्नी और छह बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक अपने पीछे पत्नी मीना देवी, एक पुत्र और पांच पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं. पुत्र जितेंद्र सिंह धनबाद में मजदूरी करता है. तीन पुत्रियां—जानकी देवी, धरनी देवी और जय देवी—विवाहित हैं, जबकि चांदनी कुमारी और नेहा कुमारी अभी अविवाहित हैं. पत्नी मीना देवी ने बताया कि उनके पति ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और अब पूरे परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की
Electrocution Death: घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को इस कठिन समय में तत्काल राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
