प्रतिनिधि, पंजवारा नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित राम कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. कथा व्यास संत श्री रविशंकर शरण जी महाराज सरस संगीतमय राम कथा सुना रहे हैं. कथावाचक ने जब राम जन्म की कथा सुनायी, तो श्रोता भाव विभोर हो गये. उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म होने वाला था, तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शकुन होने लगे. भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल बन गया. चारों ओर मंगल गान होने लगे. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी पृथ्वी लोक पर आकर धर्म की स्थापना की. आज का व्यक्ति ईश्वर की महत्ता को मानने से भले ही इनकार कर दे, लेकिन एक न एक दिन उसे ईश्वर की महत्ता को स्वीकार करना ही पड़ता है. संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए,सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी महत्ता की एक झलक दिखायी, तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया. अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाले के आगे अधिक समय तक नहीं टिक सकता. इस दौरान भक्ति भजनों के प्रस्तुति से कथा पंडाल जय सियाराम से गूंज उठा. आयोजन को लेकर कथा के मुख्य यजमान मंटू प्रसाद भगत, विजय भगत, ललन भगत, मंटू साह, चंदन भगत, राजेश भगत, संतोष भगत, रवि भगत, रवि शंकर भगत, कैलाश पासवान, पूरण पंडित, पिंटू पंडित सहित स्थानीय युवा एवं बाजारवासी सक्रिय हैं.
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