राज्य संपोषित उच्च विद्यालय पंजवारा, बाराहाट में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षक हिमांशु शेखर को छद्म नाम का इस्तेमाल कर विद्यालय के विरुद्ध कथित रूप से झूठी और भ्रामक शिकायत दर्ज कराने के मामले में निलंबित कर दिया गया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), बांका की ओर से इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया गया है. विभागीय जांच में शिकायतों के असत्य और अप्रमाणित पाए जाने के बाद शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया था. अपने जवाब में शिक्षक ने छद्म नाम से शिकायत दर्ज करने के आरोप को स्वीकार किया.
‘अशोक सिंह’ के नाम से दर्ज करायी गयी शिकायत
विभागीय आदेश के अनुसार उच्च विद्यालय पंजवारा के प्रभारी प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों की मौजूदगी में हुई जांच के दौरान मामले का खुलासा हुआ. जांच में आरोप लगाया गया कि कंप्यूटर शिक्षक हिमांशु शेखर ने अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हुए ‘अशोक सिंह’ नाम से सहयोग आरटीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण कराया.
दिनांक 1 जुलाई 2026, के तहत विद्यालय से संबंधित शिकायत दर्ज करायी गयी थी. विभाग के अनुसार शिकायत का उद्देश्य विद्यालय की विधि-व्यवस्था और पठन-पाठन को प्रभावित करना था.
स्थलीय जांच में शिकायतें मिलीं असत्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बाराहाट की ओर से स्थलीय जांच की गयी. जांच के दौरान पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की पड़ताल की गयी.
विभागीय आदेश में बताया गया है कि जांच के दौरान शिकायतों को पूरी तरह असत्य और अप्रमाणित पाया गया. इसके बाद शिक्षक के खिलाफ प्रारंभिक जांच में आरोप प्रमाणित होने की बात कही गयी.
स्पष्टीकरण में शिक्षक ने स्वीकार किया आरोप
प्रारंभिक जांच के बाद जिला प्रशासन की ओर से हिमांशु शेखर को अपना बचाव अभिकथन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था. इसके जवाब में शिक्षक ने 17 अगस्त 2026 को अपना स्पष्टीकरण विभाग को सौंपा.
विभागीय आदेश के अनुसार स्पष्टीकरण में शिक्षक ने छद्म नाम का इस्तेमाल कर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के आरोप को स्वीकार किया. इसके बाद विभाग ने मामले में निलंबन की कार्रवाई की.
आचरण नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
विभाग ने इस कृत्य को विद्यालय और विभागीय पदाधिकारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने तथा विद्यालय की छवि धूमिल करने वाला माना है. साथ ही इसे सरकारी सेवक आचरण नियमावली और बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली, 2024 की कंडिका 14 के सुसंगत प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया.
जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका के अनुमोदन के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) की ओर से शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया.
धोरैया कार्यालय बनाया गया निलंबन मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान हिमांशु शेखर का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, धोरैया (रजौन) कार्यालय निर्धारित किया गया है. आदेश के अनुसार उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन की कार्रवाई के अलावा शिक्षक के विरुद्ध अलग से आरोप-पत्र भी निर्गत किया जाएगा. इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
