पंजवारा को मिलेगी बाइपास की बड़ी सौगात, दिसंबर 2026 तक शुरू हो सकता है परिचालन

Bypass Project Panjwara:एनएच-333ए पर बन रहा पंजवारा बाइपास दिसंबर 2026 तक चालू हो सकता है, जिससे जाम से राहत मिलेगी और बिहार-झारखंड के बीच सफर आसान होगा.

पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

Bypass Project Panjwara: वर्षों से जाम और यातायात दबाव की समस्या झेल रहे पंजवारा क्षेत्र के लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है. राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-333ए के तहत बन रहे पंजवारा बाइपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. परियोजना की मौजूदा प्रगति को देखते हुए दिसंबर 2026 तक बाइपास पर वाहनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. बाइपास के निर्माण से जहां पंजवारा बाजार को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी, वहीं बांका, भागलपुर, कटोरिया, सुल्तानगंज, बरबीघा और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सुगम एवं सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलेगी.

एनएच-333ए बिहार और झारखंड को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है. इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. पंजवारा बाजार इस राजमार्ग का प्रमुख पड़ाव है, लेकिन बाजार क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सड़क पर लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. विशेषकर सुबह और शाम के समय लोगों को घंटों तक जाम से जूझना पड़ता है. ऐसे में बाइपास का निर्माण क्षेत्र के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा है.


चीर नदी पर बन रहा उच्च स्तरीय पुल

पंजवारा बाइपास परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा खीर नदी पर बन रहा उच्च स्तरीय पुल है.करीब 250 मीटर लंबे और 16 मीटर चौड़े इस पुल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. पुल के पिलर और गार्डर निर्माण के बाद अब उस पर स्लैब चढ़ाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है. निर्माण स्थल पर बड़ी मशीनों और श्रमिकों की मदद से युद्धस्तर पर काम चल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण की गति पिछले कुछ महीनों में काफी तेज हुई है. पुल के तैयार होने के बाद बाइपास मार्ग को नई मजबूती मिलेगी और वर्षा के दिनों में भी यातायात बाधित नहीं होगा.

झारखंड सीमा तक तेजी से बन रही सड़क

बाइपास को झारखंड सीमा से जोड़ने के लिए भारतीय गीता गांव के समीप सड़क निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है. निर्माण एजेंसी द्वारा चौड़ी एवं आधुनिक सड़क तैयार की जा रही है, जो बाइपास को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगी. कई स्थानों पर मिट्टी भराई, सड़क की बेस लेयर और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. सड़क निर्माण पूरा होने के बाद भारी वाहनों को बाजार क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इससे स्थानीय लोगों को भी काफी सुविधा होगी.

बाजार को जाम से मिलेगी राहत

पंजवारा बाजार में अक्सर ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होता है. सड़क किनारे दुकानें होने और सीमित जगह के कारण जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. बाइपास बनने के बाद लंबी दूरी के वाहन सीधे नए मार्ग से गुजरेंगे. इससे बाजार क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी.

व्यापारियों का मानना है कि जाम कम होने से बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी सुविधा होगी और स्थानीय कारोबार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

आवागमन होगा तेज और सुरक्षित

बाइपास बनने के बाद भागलपुर, बांका, कटोरिया, सुल्तानगंज, देवघर, बरबीघा और झारखंड की ओर जाने वाले वाहनों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी. यात्रा समय में कमी आएगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी. वर्तमान में बाजार क्षेत्र से गुजरने के दौरान वाहनों को धीमी गति से चलना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ती है.
नई सड़क और पुल के निर्माण के बाद वाहन बिना किसी रुकावट के तेज गति से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. इससे परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.


क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

स्थानीय लोगों का मानना है कि बाइपास केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास का नया द्वार साबित होगा. बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी. किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
वर्षों से जिस परियोजना का लोग इंतजार कर रहे थे, अब उसका स्वरूप जमीन पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है.निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक पंजवारा बाइपास पर वाहन दौड़ने लगेंगे और क्षेत्र को जाम की पुरानी समस्या से स्थायी राहत मिल जाएगी.

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Published by: AMIT KR SINHA

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