बौंसी में बिजली संकट से परेशान किसान, पीएसएस पहुंचकर किया प्रदर्शन

बौंसी प्रखंड के सहसराम गांव में गोकुला कृषि फीडर के एक महीने से ठप रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. करीब 100 एकड़ में लगी धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर है. परेशान किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है.

Gokula agricultural feeder Bounsi: बौंसी. प्रखंड क्षेत्र के सहसराम गांव में बिजली संकट अब किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. गोकुला कृषि फीडर से करीब एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण लगभग 100 एकड़ में लगी धान की फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है. खेतों में पानी पहुंचाने के लिए लगाए गये मोटर बिजली के अभाव में बंद पड़े हैं. ऐसे में किसानों को खड़ी धान की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है.

एक महीने से बंद है कृषि फीडर

किसानों के अनुसार गोकुला कृषि फीडर में खराबी आने के बाद से बिजली आपूर्ति बाधित है. समस्या की जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों को दी गयी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है. बिजली नहीं मिलने के कारण खेतों में लगे सिंचाई मोटर नहीं चल पा रहे हैं और धान की फसल के लिए जरूरी पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है.

किसानों का कहना है कि धान की फसल के इस चरण में नियमित सिंचाई जरूरी है. ऐसे समय में कृषि फीडर लंबे समय तक बंद रहने से फसल की स्थिति को लेकर उनकी चिंता बढ़ गयी है.

बौंसी पीएसएस पहुंचकर किसानों ने किया प्रदर्शन

समस्या से परेशान बड़ी संख्या में किसान शुक्रवार को बौंसी पीएसएस पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने कृषि फीडर की तकनीकी खराबी को जल्द दूर कर नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की.

किसानों का कहना है कि यदि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई, तो खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित हो सकती है. इससे फसल की उत्पादकता घटने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

Gokula agricultural feeder Bounsi: डीएम को दिया आवेदन, विधायक को भी दी जानकारी

किसानों ने बिजली संकट को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है. इसके अलावा कटोरिया विधायक पूरन लाल टुडू को भी पूरे मामले की जानकारी दी गयी है.

किसान तपेश्वर मांझी, पंकज मांझी, विकास मांझी और राम विलास मांझी ने विभाग से गोकुला कृषि फीडर की तकनीकी खराबी तत्काल दूर करने की मांग की है. किसानों ने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलने की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो खड़ी धान की फसल को बचाना मुश्किल हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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