बांका: 102 साल पुराने स्कूल का रास्ता कीचड़मय, रोज फिसल-फिसल कर स्कूल जा रहे 240 बच्चे

कीचड़मय सड़क पर स्कूली बच्चे | Prabhat Khabar Network

बांका के चुटिया में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की दुर्दशा शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है. बरसात में स्कूल तक पहुंचने वाला आधा किलोमीटर का रास्ता कीचड़ से भरा रहता है, जिससे 240 बच्चे रोज गिरते-फिसलते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. 1922 से संचालित इस स्कूल के पास अभी तक पक्का रास्ता नहीं है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है.

बांका सदर प्रखंड क्षेत्र के चुटिया स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की तस्वीर शिक्षा व्यवस्था के दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है. बरसात के दिनों में स्कूल तक पहुंचने वाला करीब आधा किलोमीटर का मुख्य मार्ग पूरी तरह से कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है. स्थिति इतनी बदहाल है कि मासूम बच्चे हर दिन इस रास्ते पर गिरते-फिसलते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. रास्ते की इस दुर्दशा का असर न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा और उपस्थिति पर पड़ रहा है, बल्कि शिक्षक भी इस कीचड़ भरे रास्ते से त्रस्त आ चुके हैं.

1922 से संचालित है स्कूल, फिर भी नहीं है पक्का रास्ता

विद्यालय का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर आज भी ग्रामीण और बच्चे संघर्ष कर रहे हैं:

  • 240 छात्रों का नामांकन: इस विद्यालय में फिलहाल करीब 240 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. खराब रास्ते और सुरक्षा की चिंता के कारण बारिश के दिनों में बच्चों की उपस्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है.
  • 15 साल से नया भवन, रास्ता अब भी पुराना: यह स्कूल वर्ष 1922 से संचालित है. करीब 15 साल पहले इसे नए भवन में शिफ्ट किया गया, लेकिन स्कूल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका.
  • शिक्षकों की फजीहत: रास्ते में भीषण जलजमाव और कीचड़ के कारण बाइक से स्कूल पहुंचना नामुमकिन है. ऐसे में शिक्षकों को गांव में ही अपने वाहन खड़े कर बाकी का रास्ता पैदल ही तय करना पड़ता है.

विवाद की भेंट चढ़ा सड़क निर्माण, विभाग बना मूक दर्शक

स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या हर साल बरसात में नासूर बन जाती है, लेकिन इसके पीछे एक अधूरा निर्माण कार्य जिम्मेदार है:

  • कहां अटका काम? सड़क निर्माण का काम जिला परिषद की योजना के तहत शुरू कराया गया था.
  • विवाद ने रोका रास्ता: करीब आधा किलोमीटर हिस्से में विवाद उत्पन्न हो जाने के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया. इसके बाद से विभाग पूरी तरह मूक दर्शक बना हुआ है और सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई.
  • ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने संबंधित विभाग से रुके हुए निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है ताकि बच्चों को राहत मिल सके.

क्या कहते हैं हेडमास्टर?

उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चुटिया के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुकुल कुमार पांडेय ने बताया:

"बरसात के दिनों में कच्चा मार्ग होने की वजह से यह पूरी तरह कीचड़ में बदल जाता है. इससे छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों को भी स्कूल आने-जाने में काफी कठिनाई होती है. इस संबंध में जिला प्रशासन को सूचित कर दिया गया है. हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा."


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लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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