Banka News: बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव स्थित राय बहियार में रविवार दोपहर धान की रोपनी कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया और अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा.
मृतक की पहचान सलेमपुर गांव निवासी 37 वर्षीय अजय महतो के रूप में हुई है. वहीं, उसी गांव के तुलसी तांती का रेफरल अस्पताल अमरपुर में इलाज जारी है.
धान की रोपनी के दौरान अचानक गिरी आकाशीय बिजली
ग्रामीणों के अनुसार, अजय महतो और तुलसी तांती रविवार दोपहर गांव के समीप स्थित राय बहियार में धान की रोपनी कर रहे थे. इसी दौरान तेज बारिश शुरू हुई और अचानक आकाशीय बिजली गिर गई. दोनों किसान उसकी चपेट में आकर खेत में ही बेहोश होकर गिर पड़े.
खेत में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को उठाकर रेफरल अस्पताल अमरपुर पहुंचाया. अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सुधा कुमारी ने जांच के बाद अजय महतो को मृत घोषित कर दिया, जबकि तुलसी तांती का उपचार जारी है.
अस्पताल में मचा कोहराम
अजय महतो की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी वीणा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंचे. पति का शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं.
घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी (सीओ) आकाशदीप सिन्हा अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.
इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची. दारोगा पंकज मांझी के नेतृत्व में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया.
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
ग्रामीणों ने बताया कि अजय महतो मेहनती और मिलनसार किसान थे. खेती-किसानी ही उनके परिवार की मुख्य आजीविका थी. वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार मेहनत करते थे.
मृतक अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं. उनकी बड़ी बेटी नीलू कुमारी (10 वर्ष), पुत्र बासुकी कुमार (8 वर्ष) और छोटी बेटी सोनाक्षी कुमारी (6 वर्ष) है. परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी अब पूरी तरह उनके पीछे छूटे परिवार पर आ गई है.
Banka News: गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
हादसे की खबर फैलते ही सलेमपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई. स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल और मृतक के घर पहुंचने लगे. जिला परिषद सदस्य पूजा सिंह भी अपने सहयोगियों के साथ अस्पताल पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया.
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए वज्रपात बड़ा खतरा बन गया है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे हादसों से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए और पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए.
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