मोबाइल पर पति से हुआ विवाद, गुस्से में पत्नी ने खाया कीटनाशक, हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
Banka News : मोबाइल पर हुई कहासुनी ने एक परिवार को मुश्किल में डाल दिया. बांका के कटोरिया क्षेत्र में पति से विवाद के बाद एक महिला ने गुस्से में जहरीला कीटनाशक खा लिया. हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : कटोरिया थाना क्षेत्र के सलैया गांव में पारिवारिक विवाद का एक चिंताजनक मामला सामने आया है. मोबाइल फोन पर पति से हुए विवाद के बाद 20 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर कीटनाशक खाकर आत्महत्या का प्रयास किया. महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया है.
कोलकाता में पति करता है रोजगार
जानकारी के अनुसार देवासी पंचायत के सलैया गांव निवासी राजेश यादव रोजगार के सिलसिले में कोलकाता में रहते हैं. मंगलवार को उनकी पत्नी पूजा देवी से मोबाइल फोन पर बातचीत हो रही थी. इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया.
गुस्से में खा ली जहरीली दवा
परिजनों के अनुसार बातचीत के बाद महिला काफी नाराज हो गई और गुस्से में घर में रखी जूं मारने वाली जहरीली दवा खा ली. कुछ देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
गंभीर हालत में पहुंचाया गया अस्पताल
महिला की स्थिति खराब होते देख परिजनों ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया और आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई.
मेडिकल टीम ने किया उपचार
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और सीएचओ गणपत लाल के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने महिला का प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और फिलहाल महिला खतरे से बाहर है.
पारिवारिक विवाद में बढ़ रही ऐसी घटनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक तनाव और आवेश में लिए गए फैसले कई बार गंभीर परिणाम ला सकते हैं. ऐसी परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और परिवार या करीबी लोगों से संवाद करना बेहद जरूरी होता है.
समय पर इलाज से बची जान
अस्पताल सूत्रों के अनुसार यदि जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद मरीज को जल्द चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो गंभीर खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है. चिकित्सकों ने लोगों से किसी भी प्रकार की विषाक्तता की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है.