Assistant Professor Success : अंबुज किशोर गौतम आंगनबाड़ी सेविका उर्मिला देवी और बालेश्वर दास के पुत्र हैं. उन्होंने पटना स्थित अनुग्रह नारायण महाविद्यालय से हिंदी विषय में ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद यूजीसी-नेट जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया. वर्तमान में वह रांची विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से पीएचडी कर रहे हैं. उनका शोध विषय ‘शरण कुमार लिम्बले के उपन्यासों में दलित जीवन संघर्ष : एक अध्ययन’ है.
सोशल मीडिया से बनाई दूरी, पढ़ाई को बनाया प्राथमिकता
प्रभात खबर से बातचीत में अंबुज ने बताया कि सफलता के लिए उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई और नियमित रूप से अनुशासित ढंग से पढ़ाई की. उनका कहना है कि लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य पर फोकस ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रहा. उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और परिवार के सहयोग को दिया.
मां के संघर्ष को बताया सफलता की सबसे बड़ी ताकत
अंबुज के पिता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सदस्य एवं पूर्व उपप्रमुख बालेश्वर दास ने कहा कि बेटे की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उसकी मां उर्मिला देवी को जाता है. उन्होंने कहा कि एक मां के त्याग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने ही अंबुज को इस मुकाम तक पहुंचाया. उनका मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और पारिवारिक सहयोग से हर कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
अंबुज की सफलता विशेष रूप से ग्रामीण और दलित समाज के छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है. उन्होंने साबित कर दिया कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते, यदि मेहनत और लगन सच्ची हो.
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
सहायक प्राध्यापक पद पर चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया. बांका सांसद गिरिधारी यादव, विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, कटोरिया विधायक पूरनलाल टुडु, जदयू प्रदेश महासचिव औंकार यादव, प्रखंड प्रमुख किरण देवी, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंबुज किशोर गौतम को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनकी सफलता को संघर्ष, शिक्षा और अनुशासन की मिसाल बताया जा रहा है.
