BANKA : सड़क मार्ग ठप, तो रेलवे सक्रिय, विक्रमशिला संकट के बीच स्पेशल ट्रेन का तोहफा
गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर, कोसी और सीमांचल इलाके की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है.
बौसी, बांका से संजीव पाठक की रिपोर्ट :
गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर, कोसी और सीमांचल इलाके की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है. पुल पर आवागमन बाधित होने से हजारों यात्रियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र, छोटे व्यवसायी और दैनिक यात्री सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पूर्वी रेलवे ने आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से देवघर और सरायगढ़ के बीच अनारक्षित विशेष मेमू ट्रेन चलाने की घोषणा की है.रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह विशेष सेवा 31 मई तक प्रतिदिन संचालित की जाएगी, ताकि सड़क मार्ग से प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का विकल्प मिल सके. रेलवे का मानना है कि इस विशेष ट्रेन के परिचालन से देवघर, बांका, मंदार क्षेत्र, भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी.
05573 सरायगढ़-देवघर अनारक्षित विशेष ट्रेन प्रतिदिन चलेगी
गाड़ी संख्या 05573 सरायगढ़-देवघर अनारक्षित विशेष ट्रेन प्रतिदिन सुबह 3:05 बजे सरायगढ़ से खुलेगी और सुबह 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी. वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 05574 देवघर-सरायगढ़ अनारक्षित विशेष ट्रेन देवघर से सुबह 11:35 बजे रवाना होकर रात 10:15 बजे सरायगढ़ पहुंचेगी. रेलवे ने बताया कि यह विशेष मेमू ट्रेन दोनों दिशाओं में बांका, बाराहाट, भागलपुर, सुल्तानगंज, रतनपुर और मुंगेर सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहरेगी. इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी. विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बाधित होने के कारण भागलपुर से उत्तर बिहार की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं. बस सेवाएं भी प्रभावित हैं, जिससे यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है. ऐसे में रेलवे की यह पहल लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.स्थानीय लोगों ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि फिलहाल यही सबसे भरोसेमंद साधन साबित होगा. यात्रियों ने मांग की है कि हालात सामान्य होने तक इस विशेष ट्रेन सेवा की अवधि बढ़ाई जाए और अतिरिक्त कोच भी लगाए जाएं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.