कार्यशाला आयोजित . डिजिटल पेमेंट सिस्टम को ले हुआ विचार-विमर्श
ई-वैलेट यूपीआई व ई-वैलेट एक मोबाईल एप है. जिसके लिए एप डाउनलोड करके भुगतान प्राप्ति कर सकते है. इन सभी के लिए बैंक में मोबाईल नम्बर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है.
बांका : डीडीसी प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में भारत सरकार के डिजिटल पेमेंट सिस्टम से संबंधित कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित किया गया. इस कार्यशाला में जिला स्तरीय सभी विभागीय पदाधिकारी, सभी बीडीओ, सभी सीओ, सीएससी सेंटर के वीएलई, सभी सीडीपीओ तथा संबंधित कर्मियों द्वारा भाग लिया गया. डीडीसीमहोदय द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कर्मियों को निर्देशित किया गया कि अपने प्रखंड अन्तर्गत संबंधित कर्मियों, जन-प्रतिनिधियों तथा अपने संबंधियों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से अवगत कराना सुनिश्चित करें.
कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारियों को जिला सूचना व विज्ञान प्रोद्योगिकि पदाधिकारी (डीआईओ) तथा अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से भारत सरकार के कार्यक्रम के अनुसार कैशलेश अर्थव्यवस्था को डिजिटाईजेशन को लेकर गहन जानकारी दी गयी.
बताया डेबिट कार्ड व क्रेडिट कार्ड बैंक द्वारा निर्गत किया जाता है. प्रीपेड कार्ड, एजेंसी द्वारा निर्गत किया जाता है. डेबिट कार्ड को भी प्रीपेड कार्ड की श्रेणी में लिया जाता है. मोड ऑफ कैशलेश 1 एटीएम, 2 यूएसएसडी- मोबाईल बैंकिग 3. यूपीआई, 4. ई-वैलेट यूपीआई व ई-वैलेट एक मोबाईल एप है. जिसके लिए एप डाउनलोड करके भुगतान प्राप्ति कर सकते है.
इन सभी के लिए बैंक में मोबाईल नम्बर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है. जिसमें ओपीटी (वन टाईम पासवर्ड) भेजा जाता है जो यह कन्फर्म किया जाता है कि लेनदेन चिन्हित मोबाईल के रखने वाले व्यक्ति के द्वारा ही हो रहा है. प्वाइंट ऑफ सेल (यह एक छोटी सी मशीन है) का डिस्ट्रीब्यूशन बांका में विभिन्न बैंको द्वारा विभिन्न व्यवसायियों को दिया जा रहा है. यदि वे व्यवसायिक पात्रता पूरी करते है तो उन्हें यह अवसर प्राप्त होगा. केन्द्र सरकार नगदी रहित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है.
इस मौके पर थे उपस्थित
उक्त अवसर पर जिला वन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी(आईसीडीएस), जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, स्थापना उपसमाहर्त्ता, जिला संख्यिकि पदाधिकारी, सीएससी के जिला प्रबंधक प्रियरंजन, प्रेम शंकर वत्स व संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे.
सभी तरह की लेनदेन में आधार कार्ड का होगा इस्तेमाल
इसके तहत सभी तरह के लेन देन में आधार कार्ड इस्तेमाल करने की योजना है. यह लेन देन मोबाईल एप के जरिये होगा. इसके लिए एन्ड्रॉयड मोबाईल हैंडसेट्स में आइरिस या अंगूठा प्रमाणन की सुविधा होगी. पैसा उपभोक्ता के बैंक अकाउंट से कारोबारी या दुकानदार व उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों के अकाउंट में सीधे चला जाएगा. आधार से जुड़े लेनदेन कार्ड पिनरहित होंगे. लोगो अपने आधार कार्ड को अपने बैंक खाते से जोड़ना होगा. बाद में पैसा भेजने, बैलेंस की जानकारी, नगदी जमा, निकासी और इंटर बैंकिग लेनदेन के लिए एईपीएस का उपयोग कर सकेंगे. इस प्रकार आधार संख्या से आपको बैंकिग, मोबाईल फोन कनेक्शन और सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं की सुविधाओ के लिए आधार कार्ड जरूरी है.
किसी को न दें अपना मैप
मैप यानि एम,ए और पी यह मैप किसी को ना दें. क्योंकि आने वाले दिनों में यहीं आपका कमाई होगा. इसी के तहत आप लेनदेन का कार्य कर सकेंगे. मैप में एम होता है मोबाइल नंबर, ए होता है आधार नंबर तथा पी होता है पासवर्ड या पिन नंबर. आने वाले दिनों में सरकार ऐसा एैप मोबाइल पर ला रही है जिसके तहत आप राशि का आदान प्रदान कर सकेंगे. जिसकों आप राशि का भुगतान करेंगे उसको आपको आधार नंबर बताना हेागा. उस आधार नंबर से वह आपके एकाउंट में प्रवेश कर जायेगा. जिसके बाद वह आपके आंख और अंगूली का निशान लेगा. और आपके खाते की राशि उसके खाते में चली जायेगी.
