फागुन में अब कीचड़ की होली
शहर में जलजमाव है. इस वजह से शहर के कई मुहल्लों की सड़कें कीचड़मय हैं. जननिकासी का प्रबंध नहीं है. प्रशासनिक अधिकारी भी इसे लेकर परेशानी झेलते हैं. लेकिन इसे दुरुस्त करने की न तो प्रशासनिक अधिकारियों ने पहल की, न ही जनप्रतिनिधियों ने. डर है, यही शहरवासियों की नियति न बन जाये.
बांका : शहर में जलजमाव एक बड़ी समस्या है. जलजमाव के कारण यहां अनेक मुहल्लों के लोग कीचड़ से होकर घरों तक पहुंचने को विवश हैं. शहर के गली मुहल्लों में जल निकासी का समुचित प्रबंध नहीं होने की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. शहर के ज्यादातर मुहल्लों में नाले नहीं हैं. कुछ मुहल्लों में तो कभी नाले बने ही नहीं. जहां बने, वहां समुचित रखरखाव व सफाई के अभाव में इन नालों की गत हो गयी. नाला विहीन मुहल्लों में घरों का पानी सीधे सड़कों पर निकलता है,
जहां नाले हैं उनके भर जाने की वजह से नालों में गिरने वाला गंदा पानी उफन कर सड़कों पर फैल रहा है. फलस्वरूप कई मुहल्लों में लोग फागुन में भी कीचड़ की बहार झेल रहे हैं. शहर की घनी आबादी वाले करहरिया, अभ्यास पाठशाला रोड, कचहरी के पीछे बाबूटोला रोड, पुरानी ठाकुरबाड़ी रोड में टेलीफोन एक्सचेंज की पीछे, अनुमंडल कार्यालय परिसर में एडवोकेट एसोसिएशन के पास आदि जगहों पर यही स्थिति है.
