आम लोगों के थाली से गायब हुआ अरहर की दाल बांका: दाल की कीमतों में जिस प्रकार से बढ़ोतरी हुई है, इससे आम लोगों के बजट पर प्रभाव पड़ा है. लोग दाल की जगह अभी सब्जी से ही काम चला रहे हैं. घर में कोई मेहमान आने पर ही दाल बनता है. वैसे दाल के बढ़े दाम से अधिक आमदनी वाले लोगों पर तो खास प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन मध्यवर्गीय और जिनकी आय 10 हजार के करीब या उससे कम है, वे खासे प्रभावित हुए हैं. सरकार भी बढ़ती दाल की कीमतों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है. आम लोग ही इस महंगाई की मार से बचने में खुद को बेबस पा रहे हैं. जिले के ईनारावरण के ग्रामीण दिनेश यादव, संदीप पांडे केडिया, मनोज कुमार कहते हैं कि फिलहाल अरहर की दाल खाना कठिन हो गया है. वही मूंग व मसूर दाल भी पहुंच से बाहर हो रही है. ये दोनों दालें अभी थाली से गायब हो गयी हैं. बढ़ती कीमतों के लिए जिम्मेवार कौनदुकानदार कहते हैं चुनाव की वजह से माल नहीं आ रहा है. अब कीमतें ऊपर से बढ़ रही है, तो इसमें वो क्या कर सकते हैं. वहीं शहर में भी कुछ जमाखोरों की चांदी कट रही है. इसके खिलाफ प्रशासन की अोर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इन दिनों दाल की कीमतअरहर®180 रुपये प्रति किलोमूंग ®120 रुपये प्रति किलोमसूर®100 रुपये प्रति किलोचना®75 रुपये प्रति किलो
आम लोगों के थाली से गायब हुआ अरहर की दाल
आम लोगों के थाली से गायब हुआ अरहर की दाल बांका: दाल की कीमतों में जिस प्रकार से बढ़ोतरी हुई है, इससे आम लोगों के बजट पर प्रभाव पड़ा है. लोग दाल की जगह अभी सब्जी से ही काम चला रहे हैं. घर में कोई मेहमान आने पर ही दाल बनता है. वैसे दाल के […]
