कुड़रो मंदिर में 70 के दशक से होती है पूजा

बौंसी : बौंसी से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित देवीगढ़ कुडरो मे मां दुर्गा की पुजा नंदकेश्वर पद्वती से की जाती है. 70 के दशक मे कुडरो गांव के स्व दुर्गेश्वरी प्रसाद, नारायण पांडेय और मिर्जापुर गांव के स्व सहदेव महामरीक के प्रयास के बाद यहां प्रतिमा स्थापित कर मां कि आराधना शुरू की गई. […]

बौंसी : बौंसी से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित देवीगढ़ कुडरो मे मां दुर्गा की पुजा नंदकेश्वर पद्वती से की जाती है. 70 के दशक मे कुडरो गांव के स्व दुर्गेश्वरी प्रसाद, नारायण पांडेय और मिर्जापुर गांव के स्व सहदेव महामरीक के प्रयास के बाद यहां प्रतिमा स्थापित कर मां कि आराधना शुरू की गई. उस वक्त ताड़ के पत्ते की झोपड़ी बनाकर मंदीर का निर्माण किया गया था.

यहां प्रतिमा का निर्माण केवल नवरात्र के मौके पर ही किया जाता है. आम दिनों में यहां बने हुए पिंड की पूजा की जाती है. सचिव संजीव कुमार पांडेय ने बताया कि मां की ख्याति से कई लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है. इस वर्ष अंगारु गांव के नीरज कुमार चौधरी द्वारा मनोकामना पूर्ण होने पर सारी व्यवस्था की गयी है.

मंदिर समिति के अध्यक्ष विष्णु मरीक, कोषाध्यक्ष दिनेश प्रसाद यादव, गोरेलाल यादव, चंद्रशेखर सिंहा, मनमोहन झा, अनिल यादव, ओमप्रकाश यादव, राजेश यादव आदि ने बताया कि पुरानी प्रथा के अनुसार यहां सात दशक से बारहवीं को ही विसर्जन होता आ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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