जिलाधिकारी को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि उपचुनाव के बाद नवनिर्वाचित मुखिया के कार्यकाल में विभिन्न योजनाओं से पंचायत के विकास की राशि पंचायत सेवक एवं पंचायत रोजगार सेवक की मिली भगत से लूट कर ली गयी है. इसके लिए 29 मई 2015 को समाहरणालय के समक्ष अनशन कार्यक्रम आयोजित की गयी थी जिसमें डीएम साकेत कुमार के आश्वासन पर अनशन तोड़ा गया था. साथ ही बीडीओ धोरैया को तीन दिनों के अंदर जांच कर दोषियों के खिलाफ तीन दिनों के अंदर कार्रवाई के आदेश दिये गये थे. बावजूद इसके इस ओर कोई कदम नहीं उठाये गये है.
ग्रामीण बैठे अनशन पर
बांका: धोरैया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत काठ बनगांव के उपमुखिया एवं वार्ड सदस्य सहित अन्य सोमवार से समाहरणालय के समक्ष मुखिया के विरुद्ध अनशन पर बैठ गये हैं. अनशन पर बैठे उपमुखिया मनोज यादव, वार्ड सदस्य मो इसराफिल, मो ताहीर, रियाजउद्दीन, लक्ष्मण दास, रूना देवी, रीता देवी, रोकैया एवं बीबी अफरोजा खातून ने बताया […]

बांका: धोरैया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत काठ बनगांव के उपमुखिया एवं वार्ड सदस्य सहित अन्य सोमवार से समाहरणालय के समक्ष मुखिया के विरुद्ध अनशन पर बैठ गये हैं. अनशन पर बैठे उपमुखिया मनोज यादव, वार्ड सदस्य मो इसराफिल, मो ताहीर, रियाजउद्दीन, लक्ष्मण दास, रूना देवी, रीता देवी, रोकैया एवं बीबी अफरोजा खातून ने बताया कि हमलोगों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन जिलाधिकारी को सौंपा है.
जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी से इसकी जांच निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की गयी है. साथ ही वृद्धा अवस्था पेंशन वैसे व्यक्ति के नामों पर मुखिया के द्वारा की जा रही है जो मृत है. जिसमें अक्तूबर 2013 से जून 2014 तक के बीच में मिलने वाली राशि से की गयी है. इस तरह के कई योजनाओं में गड़बड़ी कर विकास की राशि का बंदरबांट किया गया है.