शाम में आया भूकंप, सहमे जिलेवासी
बांका: शनिवार से लगातार लोगों को भूकंप का झटका लग रहा है. सोमवार को भी शाम के पांच बज कर 39 मिनट पर लोगों को झटका लगा. तीन दिनों से हो रहे भूकंप में अब तक एक की मौत हो गयी है जिसमें धोरैया प्रखंड के करहरिया पंचायत के पिपरा मोड़ तिलवारी गांव के तिलौकी […]
बांका: शनिवार से लगातार लोगों को भूकंप का झटका लग रहा है. सोमवार को भी शाम के पांच बज कर 39 मिनट पर लोगों को झटका लगा. तीन दिनों से हो रहे भूकंप में अब तक एक की मौत हो गयी है जिसमें धोरैया प्रखंड के करहरिया पंचायत के पिपरा मोड़ तिलवारी गांव के तिलौकी चौधरी के पुत्र बंगाली चौधरी (45 वर्ष) की मौत हृदयाघात होने से हो गयी. मालूम हो कि दो दिनों से आ रहे झटके से लोगों के दिलों की दहश्त अभी गयी नहीं है. लोगों के दिलों में दहशत इस कदर है कि अब अगर बिजली चली जाती है या फिर हवा से कोई वर्तन गिर जाता है तो लोग घरों से भागने के लिए तैयार हो जाते हैं.
सोमवार को बिहार सरकार के द्वारा छुट्टी की घोषणा की गयी थी. छुट्टी के दिन होने की वजह से परिवार के लोग एक साथ थे. जैसे ही लोगों को झटके महसूस हुए की सभी अपने अपने घरों से बाहर भागे. महिला, बच्चे सभी अपने घरों से बाहर आ गये है. दो दिनों से लगातार आ रहे भूकंप के झटके से कई मिट्टी के मकान गिर गये और कई पक्के मकानों में दरार आ गयी. पिछले तीन दिनों से लगातार लोग भूकंप के झटके महसूस कर रहे हैं. सोमवार 5 बज कर 39 मिनट पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किये.भूकंप के झटकों का एहसास होते ही लोग अपने अपने दुकानों व घरों से बाहर आ कर खड़े हो गये. बाराहाट में भूकंप से टोपू पंडित के घर की दीवार दरक गयी. वहीं वभनगांवा गांव में रमेश मिश्र के घर को भी नुकसान पहुंचा है.
भूकंप को लेकर लोगों के बीच चर्चा का बाजार गर्म है, लोगों में आने वाले दिनों में और झटकों का अंदेशा बना हुआ है. सुरक्षा कारणों से लोग रात में अपने घर में न सोकर आंगन या खुले स्थान पर रहने को मजबूर हो रहे हैं. जानकार बताते हैं कि एक बारगी बड़े भूकंप के झटके के बाद कुछ रोज तक छोटे छोटे झटके आना सामान्य बात है. लोगों को अफवाह पर ध्यान ना देकर सुरक्षा के सभी उपाय करने के साथ सावधानी बरतनी चाहिए.
कहां हुई घटनाएं
समाहरणालय परिसर के पीछे वाले भवन के पीछे की दीवार में दरार, अमरपुर के कटोरिया गांव के कई घरों में दरार, कई पुराने भवन में दरार, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के आवासीय कॉलोनी के भवन में दरार आयी है.
अफवाह में रहे लोग
पिछले तीन दिनों से भूकंप आने के बाद लोगों के बीच लगातार अफरा-तफरी मची रही. लोग रह रह कर हल्ला कर रहे हैं. रात में सड़कों पर कई लोग देखे गये. लगातार यह भ्रम फैलाया गया कि शाम में फिर से झटके आ सकते हैं. शाम में फिर से लोग अपने परिवार के साथ थे. इसके बाद लोगों के बीच यह अफवाह फैलायी गयी कि रात के नौ बजे झटके आ सकते हैं. फिर से यह अफवाह फैलायी गयी रात के दो बजे झटके आ सकते हैं. जिस कारण दिन भर लोग परेशान रहे.
डॉक्टरों की छुट्टी रद्द
पिछले तीन दिनों से लगातार हो रहे भूकंप से आम अवाम परेशान है. लगातार अपने सगे संबंधियों के हाल चाल जानने के लिए व्याकुल है. वहीं दूसरी ओर मोबाइल नेटवर्क भी साथ नहीं दे रहा है. इस कारण से लोग परेशान है. जिला प्रशासन की ओर से कई कदम उठाये गये है. सीएस से लेकर सभी डाक्टरों की छुट्टी रद्द कर दी गयी है. आज तक के लिए जिले के सभी निजी और सरकारी विद्यालय बंद है. पिछले तीन दिनों से आये भूकंप के बाद किस प्रकार से लोग अपना जीवन विता रहे है वो खुद बयान कर रहे है.
स्थानीय विजय नगर मुहल्ले के शिवानंद मिश्र उर्फ भिखारी मिश्र इट के बने घर में रहते है. यह पहले बीपीएल परिवार से आते थे लेकिन सरकार की उदासीनता की वजह से अब यह एपीएल में आ गये है. इनको दो पुत्र और एक पुत्री है. यह किसी प्रकार से अपने परिवार का भरण पोषण करते है. पिछले तीन दिनों से आये भूकंप के बाद अब इनका इट का घर टूटने लगा है. दीवार में कई स्थानों पर दरार आ गयी है. वहीं इनके मकान का एक कमरा टूट भी गया है. फुस का छत गीर गया है. यह बताते है कि एक तो सरकार हमारे ऊपर लगी थी अब तो भगवान भी हमारे ऊपर लग गया है. वह बताते है कि वह पिछले तीन दिनों से सोये नहीं है. पूरा परिवार एक साथ मिल कर रात भर भगवान का नाम लेकर सुबह करते है. अब तो घर भी गिरने लगा है अब कहां रहेंगे यह समझ में नहीं आता है.
विजय नगर के घुटर साह का भी कहना है कि वह पिछले तीन दिनों से लगातार भूकंप से डर रहे है. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रेखा देवी, पुत्री खुशी, कुमकुम, पुष्पा सभी एक साथ रात भर जग कर भगवान का नाम ले रहे है. पुत्री खुशी कुमारी का कहना है कि उसके दिल में डर है कि अगर घर गिर गया तो वह बेघर हो जायेगी. वहीं दूसरी पुत्री पुष्पा ने बताया कि अब तक इस प्रकार का डर कभी नहीं लगा था. लोगों से सुनते थे कि भूकंप की त्रसदी काफी भयानक होती है अब देख रहे है.
विजय नगर के ही सुनील साह का कहना है कि उनके घर में दरार आ गया है. किसी भी वक्त कोई हादसा हो सकता है. वह अपनी पत्नी रानी देवी, पूजा कुमारी, रागिनी कुमारी के साथ खुले आंगन में थे. शाम में जिस प्रकार से भूकंप आया वह आज भी आंगन में ही सोयेंगे.
शादी में भी कम लोग हो रहे शरीक
लोगों के दिलों में भूकंप का भय समाया है कि लोग किसी पार्टी में जाने से परहेज कर रहे है. छोटे पार्टी को तो लोग तत्काल निरस्त कर रहे है. बाबूटोला के संजीव ने बताया कि उनके घर में जन्म दिन की पार्टी थी, पिछले दो दिनों से जिस प्रकार से भूकंप आ रहा है कि पार्टी को कैंसिल करना पड़ा. वहीं विजय नगर के संतोष कुमार ने बताया कि उनके घर में मुंडन था. किसी प्रकार से मुंडन संस्कार कर लिया गया अब पार्टी बाद में देखी जायेगी. वहीं करहरिया की सुलोचना देवी ने बताया कि उनके घर में शादी है अगर यही हाल रहा तो बुधवार को बरात का स्वागत किस प्रकार होगा.
प्रभारी मंत्री नहीं पहुंचे बांका
जिले के प्रभारी मंत्री दामोदर रावत रविवार को ही बांका पहुंचने वाले थे, लेकिन वह सोमवार तक बांका नहीं पहुंचे थे. खबर लिखे जाने तक उनके बांका पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली थी. हालांकि उन्होंने रविवार को बताया था कि उनके पास तीन तीन जिला है. वह सोमवार को बांका पहुंचेंगे, लेकिन वह सोमवार को बांका नहीं पहुंचे.