और हुआ भी ऐसा ही. लेकिन किसकी नजर लगी जो अचानक कोल स्कैम में कंपनी का नाम आते ही काम बंद हो गया. मालूम हो कि कोल लिंकेज का मामला सामने आते ही इसमें फंसे 214 कंपनियों की सूची में बौंसी स्थित अभिजीत पावर प्लांट का नाम आ गया था. यहां कार्य कर रही सहयोगी कंपनियां भी अपना सारा सामान लेकर वापस चली गयी. मालुम हो कि प्रस्तावित 3640 मेगावाट पावर प्ल्ठ्ठांट के निर्माण के पहले फेज में 2640 मेगा वाट की बिजली उत्पाबन का लक्ष्य रखा गया था.
सुपर थर्मल पावर प्राजेक्ट के लिए करीब 11 सौ एकड़ जमीन की आवश्यकता थी लेकिन कोल लिंकेज में नाम आने के पूर्व तक करीब 650 एकड़ जमीन ही अधिग्रहित हो पाया था. छह माह पूर्व किसी निजी कंपनी द्घारा पार्टनरषिप पर यहां पर काम करने की इच्छा जताई गयी थी. लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी थी. तब से पावर प्लांट में ताला लटका है.
