बिहार दिवस भी रहा फीका

सरकारी विद्यालयों में नहीं हुए कार्यक्रमप्रतिनिधि, बांकाजिला स्थापना दिवस के बाद बिहार स्थापना दिवस भी फीका रहा. इस मौके पर तैयारी आधी-अधूरी ही की गयी थी या यंू कहें कि केवल खानापूर्ति की गयी है. जिले में रेडीमेड व्यवस्था कर लोगों को ना बोलने के लिए बाध्य कर दिया. बिहार सरकार इसके आयोजन के लिए […]

सरकारी विद्यालयों में नहीं हुए कार्यक्रमप्रतिनिधि, बांकाजिला स्थापना दिवस के बाद बिहार स्थापना दिवस भी फीका रहा. इस मौके पर तैयारी आधी-अधूरी ही की गयी थी या यंू कहें कि केवल खानापूर्ति की गयी है. जिले में रेडीमेड व्यवस्था कर लोगों को ना बोलने के लिए बाध्य कर दिया. बिहार सरकार इसके आयोजन के लिए जिलों को एक निश्चित राशि स्थापना दिवस के पूर्व ही आवंटित कर देती है, बावजूद इसके तैयारी आधी अधूरी ही की गयी. बांका को छोड़ कर अन्य जिलों में नामी कलाकार मंगाये गये. बगल के भागलपुर जिले में उस्ताद अकरम खां तबला वादक के कार्यक्रम आयोजित हुए, तो कहीं अन्य कलाकारों ने जलवा बिखेरा. इस मामले में बिहार दिवस भी जिला स्थापना दिवस की तरह पिछड़ गया. पिछले वर्ष इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये थे. स्थिति यह रही कि सरकारी विद्यालयों का रंग रोगन व दीप प्रज्वलन भी नहीं किया गया. जिला निगरानी समिति सदस्य पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र सहित अन्य प्रखंडों के सरकारी विद्यालयों में 2014 में कई कार्यक्रम आयोजित किये गये थे. पुरस्कार भी दिये गये थे. शिक्षक कृष्णा मोहन ठाकुर ने बताया कि पिछले वर्ष स्थापना दिवस के मौके पर खर्च की गयी राशि का अब तक भुगतान नहीं किया गया है. साथ ही इस मौके पर कोई लिखित आदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है.

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