अधिकांश छात्रों को नहीं पता स्कूल का नाम

-फोटो: 19 बांका-6: फर्श पर बोरी बिछाकर पढ़ते बच्चेछात्रों के बैठने की नहीं है समुचित व्यवस्था प्रतिनिधि, बांका/अमरपुर जिले के अधिकांश संस्कृत विद्यालय को सर्व शिक्षा अभियान का लाभ नहीं मिल पा रहा है. 1977 में स्थापित अमरपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित गांधी संस्कृत प्राथमिक मध्य विद्यालय सलेमपुर सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है. हालांकि […]

-फोटो: 19 बांका-6: फर्श पर बोरी बिछाकर पढ़ते बच्चेछात्रों के बैठने की नहीं है समुचित व्यवस्था प्रतिनिधि, बांका/अमरपुर जिले के अधिकांश संस्कृत विद्यालय को सर्व शिक्षा अभियान का लाभ नहीं मिल पा रहा है. 1977 में स्थापित अमरपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित गांधी संस्कृत प्राथमिक मध्य विद्यालय सलेमपुर सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है. हालांकि शिक्षकों की उदासीनता भी इसमें कम नहीं है. गुरुवार को संवाददाता ने विद्यालय व्यवस्था की पड़ताल की. सभी शिक्षक विद्यालय में उपस्थित थे. अधिकांश छात्र स्कूल का पूरा नाम नहीं जानते हैं. पोशाक राशि वितरण के बाद भी आधे से अधिक छात्र पोशाक में नहीं थे. दो शौचालय बने हैं जो गंदगी से भरा पड़ा था. छात्र फर्श पर बोरी बिछा कर पढ़ रहे थे. छात्रों ने बताया कि प्रतिदिन उनकी हाजिरी नहीं बनती है. विद्यालय परिसर में चहारदीवारी नहीं होने के कारण पशुओं का रैन बसेरा बना हुआ है. प्रधानाचार्य शंकर प्रसाद तिवारी ने बताया कि वर्ग एक से आठ तक कुल 221 छात्र-छात्रा नामांकित हैं. कुल पांच शिक्षकों में तीन ग्रामीण दो बाहर से आते हैं. छात्रवृत्ति राशि का वितरण किया गया है.विद्यालय को समुचित भूमि उपलब्ध है पर भवन निर्माण नहीं होने के कारण जर्जर भवन में छात्र पढ़ने को मजबूर हैं. कहते हैं डीइओ इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार ने कहा कि इन दिनों मैट्रिक परीक्षा को व्यस्त हैं. इसके बाद सब कुछ ठीक हो जायेगा.

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