वर्ष 2005 में तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू सहित अन्य पुलिस कर्मियों की हत्या में अधिक लाल मंडल शामिल था. यह चौकीदार नाटू, कैलाश पंडित की दोहरे हत्याकांड में भी शामिल था. वर्ष 2010 में कंदनी में विस्फोटक बरामदगी के दौरान गंगटी में पुलिस मुठभेड़ में शामिल रहा है. 10 अप्रैल 2014 को जमुई लोकसभा चुनाव के लिये चुनावी ड्यूटी पर जा रहे सीआरपीएफ के दो जवान की हत्या में भी इसकी संलिप्तता है. वर्ष 2009 में अधिक लाल पंडित के घर पुलिस ने छापेमारी की थी, तो वहां से नक्सली साहित्य भी बरामद हुआ.
एसपी हत्याकांड में शामिल नक्सली अधिकलाल गिरफ्तार
हवेली खड़गपुर/टेटियाबंबर: सीआरपीएफ व जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली अधिकलाल पंडित को बुधवार को पहाड़पुर गांव से गिरफ्तार किया गया. वह वर्ष 2005 में मारे गये तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू हत्याकांड सहित कई मामलों का वांछित था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. पहाड़पुर गांव में की गयी […]

हवेली खड़गपुर/टेटियाबंबर: सीआरपीएफ व जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली अधिकलाल पंडित को बुधवार को पहाड़पुर गांव से गिरफ्तार किया गया. वह वर्ष 2005 में मारे गये तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू हत्याकांड सहित कई मामलों का वांछित था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.
पहाड़पुर गांव में की गयी छापेमारी : पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि सीआरपीएफ के कमांडेंट अमित कुमार व गंगटा सहायक थानाध्यक्ष शंभु पासवान के नेतृत्व में पहाड़पुर गांव में छापेमारी की गयी. वहां से अधिकलाल पंडित को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि अधिकलाल अब तक आधे दर्जन से भी अधिक नक्सली घटना में संलिप्त रहा है. वह गंगटा, संग्रामपुर, भीमबांध, बेलहर इलाके में नक्सली घटनाओं को अंजाम देता था.
बनाया था आठ लड़कों का मारक दस्ता
गिरफ्तार अधिक लाल ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2007-08 में राजकुमार दास, बबलू और उदय पासवान सहित कई नक्सलियों ने गांव को घेर कर चंद्रेश्वरी पंडित, रामदेव पंडित और मुङो किसान कमेटी का सदस्य बना दिया. उसने बताया कि इस बार की सरस्वती पूजा के दौरान प्रतिमा विसजर्न के दिन बसबिट्टी में गोपाल दास के नेतृत्व में गंगटा सहायक थाना पर हमले की योजना बनायी गयी थी. जिसमें मुझ पर 7-8 लड़कों को मारक दस्ता में शामिल करने के लिए चिह्न्ति करने को कहा गया. मैंने गोपाल, रोहित, बाराहा, मंगरू, राजेश का नाम दिया था. लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता.