बैंकों में बिचौलिया हावी

बाराहाट: प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत बैंक की शाखाओं से गरीब और बेरोजगारों को कोई राहत नहीं मिल रही है. सरकारी खजाने पर कुंडली मारे बैठे चंद लोग एक बड़ी आबादी को अक्सर बैंक से दूर रखने के लिए एड़ी चोटी लगाये रहते हैं. क्षेत्र में केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक, यूको बैंक, बीओआइ की […]

बाराहाट: प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत बैंक की शाखाओं से गरीब और बेरोजगारों को कोई राहत नहीं मिल रही है. सरकारी खजाने पर कुंडली मारे बैठे चंद लोग एक बड़ी आबादी को अक्सर बैंक से दूर रखने के लिए एड़ी चोटी लगाये रहते हैं. क्षेत्र में केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक, यूको बैंक, बीओआइ की आधा दर्जन से अधिक शाखाएं हैं.

जब उनके पास कोई जरूरत मंद किसान, व्यापारी या फिर कोई छात्र शिक्षा ऋण के लिए पहुंचते हैं, तो उनका सीधा सा जवाब होता है. अभी उन्हें ऋण देने का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. खासकर इन दिनों बैंक ऑफ इंडिया खड़हरा की शाखा में बिचौलिया राज के कारण गरीब और बिना पहुंच वाले ग्राहकों को मदद नहीं मिल रही है. कई किसान आज भी अंचल कार्यालय से अपने जमीन का एलपीसी बनवा कर घूम रहे हैं.

कहते हैं अधिकारी
खड़हरा बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक पी पांडेय से वित्तीय वर्ष 2014 -15 में किसानों एवं छात्रों के लिए निर्धारित लक्ष्य और उपयोगिता पर बात की गयी, तो उनका जवाब था बैंक में ही आकर मिलें तो अच्छा होता.

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