बांका : एक जनवरी की रात से शुरु रिमझिम बारिश सुबह तक होती रही. रात भर हुयी बूंदाबांदी की वजह से दो जनवरी को ठंड में काफी वृद्धि देखी गयी. शहर का न्यूनतम तापमान सात-आठ के लगभग रुढ़क गया था.
जबकि अधिकतम 19 व 20 सेलसियस रहा. इस ठंड की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्कूल बंद रहने की वजह से बच्चों को घर में सावधानी पूर्वक रहने का मौका मिल गया था. परंतु कामकाजी लोगों को परेशान देखा गया. ठंड की वजह से सड़कों पर काफी देर तक सन्नाटा पसरा रहा. अचानक ठंड में वृद्धि होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे व बुजुर्ग लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
वहीं विभागीय रिपोर्ट माने तो जिले में औसत बारिश 3.5 एमएम रहा. कई प्रखंडों में बारिश नहीं हुयी. परंतु बांका शहरी इलाके में बूंदाबांदी देखी गयी. हालांकि, ठंड के बीच लोग नये वर्ष के जश्न में डूबे रहे. दो जनवरी को भी पिकनिक मनाया गया. लोगों ने पर्यटन स्थल का भी भ्रमण किया.
अलाव से ठंड को मात देने की हो रही कोशिश . बीती रात रिमझिम बारिश की वजह से ठंड कम होने की उम्मीद पर पानी पड़ गया है. ठंड की वजह से लोग काफी कष्ट में जीवन गुजार रहे हैं. आम हो या खास सभी वर्ग के लोग परेशान हैं.
खासकर निर्धन व गरीब तपके के लिए यह ठंड किसी जलजला से कम नहीं है. हालांकि, ठंड के लिए सभी अलाव का सहारा ले रहे हैं. गर्म कपड़े पर भी ठंड का कहर जारी रहने की वतह से कमोबेश घरों में अलाव की व्यवस्था की गयी. यही नहीं बुजुर्ग व बच्चों को अलाव के नजदीक ही रखा जा रहा है.
ठंड की वजह से मरीज की हुयी वृद्धि . ठंड की वजह से लोग मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. अलबत्ता सदर अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल में इन दिनों ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. इन मरीजों में सर्दी, कफ, खांसी इत्यादि की समस्या देखी जा रही है. वहीं उच्च रक्तचाप व हृदय रोग से ग्रसित मरीज भी निरंतर मेडिकल चेकअप के लिए पहुंच रहे हैं.
