गर्मी से मनुष्य व पशु-पक्षी भी व्याकुल

बांका : जैसे-जैसे गर्मी का मौसम परवान पर चढ़ रहा है, वैसे-वैसे तापमान भी बढ़ता जा रहा है. सुबह में सूरज निकलते ही शहर से लेकर गांव तक लोग गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे है. गर्मी व तपिश से आमलोगों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी व्याकुल हो उठे हैं. शहर की हालत यह हो गयी […]

बांका : जैसे-जैसे गर्मी का मौसम परवान पर चढ़ रहा है, वैसे-वैसे तापमान भी बढ़ता जा रहा है. सुबह में सूरज निकलते ही शहर से लेकर गांव तक लोग गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे है. गर्मी व तपिश से आमलोगों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी व्याकुल हो उठे हैं. शहर की हालत यह हो गयी कि दस बजते-बजते सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है. वहीं तेज गर्मी ने जिले में अपना कहर बरसाना चालू कर दिया है.

पिछले सप्ताह से जिले के तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. पिछले तीन दिनों में जिले का पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. तेज धूप व भीषण गर्मी के कारण लोगों का सेहत भी प्रभावित होने लगी है.
जिले में पड़ रहे गर्मी का आलम यह है कि तेज धूप की वजह से सुबह आठ बजे के बाद से ही लोगों का अपने घरों से निकलना दूभर होने लगा है. ऐसे में रोजमर्रा के व्यवसाय से अपना व अपने परिवार के भरण पोषण करने वालों की मुश्किलें दिन व दिन बढ़ती जा रही है.
भीषण गर्मी के कारण लोग पड़ रहे है बीमार . जिले में जारी गर्मी के कहर के कारण बड़ी संख्या में लोग मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. सदर अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो गर्मी की वजह से लू, मियादी बुखार, खसरा, निमोनिया सहित सन स्टॉक की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या दिन व दिन बढ़ती जा रही है.
दैनिक व्यवसाय पर पड़ रहा गर्मी का प्रभाव . भीषण गर्मी दैनिक व्यवसाय का संचालन कर अपनी रोजी रोटी चलाने वाले जिले के लाखों कामगारों के भारी नुकसानदायक साबित हो रहा है. गर्मी के कारण लोग बेवजह अपने घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं. उमस भरी गर्मी के कारण मुख्यालय सहित अन्य चौक चौराहों पर वीरानी देखी जा रही है. ऐसे में तमाम मुश्किलों के बाद भी अपने रोजमर्रा व्यवसाय का संचालन करने वाले लोगों को ग्राहकों के कमी खल रही है. ग्राहकों के अभाव में ऐसे व्यवसायियों को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
कहते हैं चिकित्सक
गर्मी में लू(हीट स्ट्रोक) का खतरा सबसे अधिक होता है. थोड़ी भी लापरवाही से परेशानी बढ़ जाती है. लोग तेज बुखार, डीहाइड्रेशन, डायरिया आदि के शिकार हो सकते हैं. तेज गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है. इससे बचने के लिए अपने शरीर को ढंक कर घर से बाहर निकलें. ज्यादा जरूरी हो तो ही दोपहर में घर से बाहर निकलें. टोपी, चश्मा, पानी व छाता अपने साथ जरूर रखें.
डॉ. सुनील कुमार चौधरी, सदर अस्पताल, बांका
गर्मी में इन बातों का रखें ख्याल
-बाहर जाने से पहले पानी पीएं
-धूप से आने के बाद इलेक्ट्रॉल पाउडर का इस्तेमाल करें
-तेज धूप में सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे तक बाहर न जाएं
-धूप से आने के बाद आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स व फास्ट फूड न लें
-हल्का व ताजा भोजन लें
-बासी व तैलीय भोजन न लें
-सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनें
-टोपी, चश्मा या गमछा साथ लेकर चलें
-पूरे शरीर को ढंक कर रखें
-धूप से आकर तुरंत पानी न पिये

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