झारखंड की शराब बांका पुलिस के लिए बनी चुनौती

चेक पोस्ट रहने के बावजूद माफिया सीमा लांघने में सफल बांका : सूबे में लागू शराबबंदी कानून की सेहत पर झारखंडी शराब प्रतिकूल असर डाल रहा है. अक्सर शराब की बड़ी खेप झारखंड से ही जिला सीमा के अंदर प्रवेश कर रही है. जिसकी वजह से पुलिस-प्रशासन व उत्पाद विभाग के समक्ष हमेशा चुनौती बनी […]

चेक पोस्ट रहने के बावजूद माफिया सीमा लांघने में सफल

बांका : सूबे में लागू शराबबंदी कानून की सेहत पर झारखंडी शराब प्रतिकूल असर डाल रहा है. अक्सर शराब की बड़ी खेप झारखंड से ही जिला सीमा के अंदर प्रवेश कर रही है. जिसकी वजह से पुलिस-प्रशासन व उत्पाद विभाग के समक्ष हमेशा चुनौती बनी रहती है. विगत होली के दौरान भी झारखंड के अलग-अलग जिलों से शराब की खेप पहुंचने की बात सामने आयी. हालांकि पुलिसिया कार्रवाई में कइयों पर कार्रवाई भी हुई और शराब भी जब्त किये गये.
विदित हो कि पड़ोसी झारखंड राज्य में खुलेआम शराब की बिक्री होने की वजह से शराब कारोबारियों का ठिकाना भी बदलता रहता है. चूंकि जिले की एक बड़ी सीमा झारखंड राज्य से सटी हुई है. जिसके कारण गाहे-बगाहे शराब कारोबारी बांका से होकर अन्य जिले में शराब की खेप पहुंचाने की जतन में दिन रात जुटे रहते है. पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी भी इन कारोबारियों को रहती है. जिसका फायदा उठाकर अक्सर ये शराब कारोबारी अपने मिशन में सफल हो जाया करते है. जो बांका पुलिस के एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
बांका जिला में केवल झारखंड से ही हो रही शराब की अवैध डिलिवरी
शराब तस्करी के लिए तैयार हो रहे नये-नये गिरोह
शराबबंदी कानून लागू कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आधी आबादी को सम्मान देने के साथ समाज में शांति का वातावरण कायम किया है. वही सरकार के इस मिशन को कामयाब करने के लिए पुलिस भी दिन-रात एड़ी-चोटी मेहनत कर रही है. जिसके बदौलत बहुत हद तक शराबियों पर शिकंजा भी कसा गया है और कई लोग इस मामले में जेल की हवा भी खा चुके है. खास यह भी कि एसपी चंदन कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में शराबियों के विरुद्ध चलाये गये स्पीडी ट्रायल मामले में पुलिस को खासी सफलता भी मिली है. दर्जन भर से अधिक शराबी को सजा भी मिल चुकी है. बावजूद इस अवैध धंधे में अभी भी कई गिरोह सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्जनों गिरोह इस कारोबार को अंजाम दे रहे हैं. जानकारी के अनुसार इस नये-नये गिरोह में कई निमोछिया युवक व आदिवासी महिलाएं भी पैसे की लालच में शराब की होम डिलिवरी तक में जुटे हुए है.
ट्रेन से भी शराब की खेप पहुंचने की सूचना
सूत्र की मानें तो बांका टू अंडाल भाया देवघर जाने और आनेवाली ट्रेन से भी शराब की खेप जिले में प्रवेश कर रही है. अवैध शराब की यह खेप खास स्टेशन पर न उतार कर किसी हॉल्ट पर या फिर ट्रेन का चैन पुलिंग कर निर्जन व जंगली स्थान पर उतारी जाती है. जहां से वह कई हिस्सों में बांटकर शराब को ठिकाने लगाया जाता है. मंदारहिल ट्रेन में भी कई बार शराब की खेप को स्थानीय पुलिस ने जब्त किया है.
शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाये रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरीके से मुस्तैद है. होली के दरम्यान भी पुलिस के द्वारा विशेष अभियान चलाया गया था. जिसमें कई शराबियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध शराब को जब्त किया गया है. इसके अलावा सीमावर्ती इलाके के सभी चेक पोस्ट व संदिग्ध मार्गों पर सख्त नजर रखने के लिए संबंधित थाना को कड़ा निर्देश दिया गया है.
चंदन कुमार कुशवाहा, एसपी, बांका

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